बरेली। इंग्लिश स्कूल में तब्दील हुए परिषदीय विद्यालयों के लिए चल रही शिक्षक तैनाती प्रक्रिया में हिंदी विषय के शिक्षक तैनात नहीं किए जाएंगे। चयन के लिए बीएसए कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में हिंदी विषय का ही जिक्र नहीं किया गया है। ऐसे में इन स्कूलों में देश की मातृ भाषा हिंदी विषय के शिक्षकों की तैनाती न किए जाने पर अधिकारियों की मंशा पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। मामले पर शिक्षक संघ ने आपत्ति जताते हुए शुक्रवार को बीएसए कार्यालय में प्रदर्शन कर हिंदी विषय के शिक्षक की तैनाती करने की मांग की।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल ने मंडल अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार शर्मा के नेतृत्व में बीएसए से मुलाकात की। उन्होंने इंग्लिश मीडियम में तब्दील हुए परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी समेत हिंदी विषय शामिल होने के बाद भी सिर्फ इंग्लिश पढ़ाने वाले शिक्षकों को तैनात किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने प्रत्येक अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में एक हिंदी भाषा के अध्यापक का अनिवार्य रूप से चयन करने को कहा। विज्ञप्ति में हिंदी विषय के शिक्षक का जिक्र नहीं होने पर सवाल उठाए। कहा कि परिषदीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में हिंदी और संस्कृत एक अनिवार्य विषय है। दोनों विषय अंग्रेजी के शिक्षक नहीं पढ़ा सकते हैं। इसलिए शिक्षक चयन प्रक्रिया में हिंदी भाषा के अध्यापक को भी प्रत्येक विद्यालय में तैनात किया जाए। इस मामले में बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने शासनादेश के तहत विद्यालयों में अध्यापकों के चयन किए जाने की बात कही है। साथ ही शिक्षक संघ की मांग से शासन को अवगत कराने का आश्वासन दिया है।
जल्दी कराओ परीक्षा बीत न जाएं छुट्टियां
शिक्षक संघ ने ग्रीष्मावकाश में शुरू की गई इंग्लिश स्कूलों में शिक्षक चयन प्रक्रिया से शिक्षकों के अवकाश प्रभावित होने की बात कही। उन्होंने आवेदन की तिथि समाप्त होने के बाद जल्द लिखित और मौखिक परीक्षा कराने का अनुरोध किया ताकि शिक्षक छुट्टियों का लाभ ले सकें। मांग पर बीएसए ने 14 से 16 जून के बीच परीक्षा कराने का आश्वासन दिया है। इस दौरान मानवेंद्र यादव, तेजपाल मौर्य, विनोद चौधरी, अनुज शर्मा, पंकज यादव आदि मौजूद रहे।
इंग्लिश मीडियम में तब्दील स्कूलों में शासनादेश के तहत चयन प्रक्रिया होगी। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षक संघ की मांग पर विचार किया जाएगा। परीक्षाएं 16 जून तक कराई जा सकती है।
- तनुजा त्रिपाठी, बीएसए