बरेली। आईएमए की ओर से ईद के मुबारक मौके पर शुक्रवार को जश्न-ए-ईद (ईद मिलन) का आयोजन हुआ। जिसमें कव्वाल अनीस साबरी के सूफियाना सुरों पर लोग देर रात तक थिरकते रहे। हर कोई सुरों की झंकार से झंकृत दिखाई दिया। कार्यक्रम के सूत्रधार रहे डॉ. अनीस बेग ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि जश्न में धर्म संप्रदाय का नामोनिशां नहीं रहा।
बताया कि आयोजन के दौरान हिंदुस्तानियों को एकजुट रहने और देश के विकास में योगदान देने की दुआ की गई। जिसके बाद कव्वाल अनीस ने ‘यह घर भी हमारा है, वो घर भी हमारा है, काबे में तेरा जलवा, काशी में नजारा है’, ‘सब देशों से न्यारा अपना प्यारा हिंदुस्तान’, ‘न पूछ कैसे गमों से गुजर रहा हूं’, ‘कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है’, ‘मेरे रश्के कमर’ व अन्य गीत, गजल सुनाकर जमकर तारीफें बटोंरी। प्रोग्राम में लोग पारंपरिक वेशभूषा, कुर्ता पायजामा और महिलाएं लहंगा चुन्नी ड्रेस कोड में शामिल हुई। प्रोग्राम के समापन पर सभी ने लजीज पकवानों का लुत्फ लिया। यहां आईएमए अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिंह, सचिव डॉ. विनोद पागरानी, डॉ. हिमांशु अग्रवाल, डॉ. अरशद अली, डॉ. फाजिल, डॉ. शमशाद, डॉ. सबीना, डॉ. शाहिदा खान, डॉ. लईक, डॉ. रवीश अग्रवाल, डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी, डॉ. रवि खन्ना, डॉ. केशव कुमार आदि मौजूद रहे।