लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के सदस्य महेश पुरी ने कहा हैै कि बोर्ड गठन के बाद पहली बैठक लखनऊ में हुई, जिसमें अपर सचिव गृह आलोक रंजन ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए बोर्ड के महत्व के बारे में चर्चा की। इसके बाद जीएसटी प्रक्रिया के सरलीकरण करते हुए ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने का प्रस्ताव पारित किया गया। जीएसटी की18 प्रतिशत दर को 15 प्रतिशत करने और वार्षिक सूचना 30 जून तक भरने की अंतिम तिथि को 30 अगस्त करने की प्रस्ताव रखा गया, जिसे जीएसटी काउंसिल ने सहमति दे दी है।
कचहरी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर बोर्ड सदस्य महेश पुरी ने बताया कि प्लास्टिक फर्नीचर, कपड़ा धोने के साबुन पर पांच प्रतिशत कर और हस्तनिर्मित गुुड़ को जीएसटी एवं मंडी शुल्क से मुुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना के तहत व्यापारी को 10 लाख तक बीमा और व्यापारी की आकस्मिक मृृत्यु पर भी इस योजना का लाभ देने का प्रस्ताव पारित किया गया है। मंडी परिसर में आवंटित दुकानों एवं गोदामों का मालिकाना हक प्रदान करने पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा मंडी परिसर में किसी व्यापारी की मौत होने पर तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता और व्यापारी के प्रतिष्ठान में आग लग जाने पर दो लाख रुपये की आकस्मिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। पॉलिथीन के निर्माताओं के बिजली विभाग के एग्रीमेंट को तुरंत निरस्त करने और चेकिंग के समय जुर्माने की राशि न्यूनतम करने का प्रस्ताव किया गया है। साथ ही दवा विक्रेताओं की समस्या फार्मासिस्ट के लिए सुझाव दिया गया कि तीन वर्ष पुराने लाइसेंसी को फार्मासिस्ट की अनिवार्यता समाप्त की जानी चाहिए और व्यापारी कल्याण कोष की स्थापना के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। इस मौके पर ट्रेडर्स एंड इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप गुप्ता, अंबुज गुप्ता, राजेश अग्रवाल, नीति गुुप्ता, प्रदीप गुप्ता और रामगोपाल अवस्थी उपस्थित रहे।