बरेली। दरगाह आला हजरत की रजा मस्जिद में शनिवार की रात हुए विवाद के बाद बृहस्पतिवार को जो हुआ है, वह अप्रत्याशित नहीं था। दरअसल दरगाह के सज्जादानशीन अहसन मियां की ओर से उनसे मारपीट की एफआईआर दर्ज कराने के बाद उनके खिलाफ लगातार हो रही बयानबाजी से उनके मुरीद भड़के हुए थे, लेकिन ईद की वजह से गुस्से को जब्त किया जा रहा था। यही वजह रही कि ईद के अगले ही दिन बड़ी घटना होने से टल गई। दरगाह पर बृहस्पतिवार शाम इकट्ठे हुए अहसन मियां के मुरीदों ने जमकर नारेबाजी और हंगामा तो किया लेकिन टकराव होने की नौबत आई तो कुछ लोगों ने बीच में पड़कर उसे टाल दिया। हालांकि इससे पहले शीरान रजा की अहसन मियां के मुरीदों से जमकर नोकझोंक भी हुई। अहसन मियां की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं, नारे पर गुस्साए शीरान ने यहां तक कह दिया- हां हमने कहा है, मुझे मारना चाहते हो तो आओ.. मुझे मारो। दोनों पक्षों के बीच इसके बाद काफी देर तनातनी का माहौल रहा।
अहसन मियां के खिलाफ शीरान और उनके पिता उस्मान रजा खां की बयानबाजी से गुस्साए सज्जादानशीन के मुरीद बृहस्पतिवार की शाम को दरगाह पर इकट्ठा हो गए। हाथों में तख्ती लिए तमाम मुरीद अहसन मियां की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त न करने की बात कह रहे थे। इसी बीच अहसन मियां की एफआईआर पर अब तक कोई कार्रवाई न होने की बात उठी तो ये लोग कोतवाली की तरफ प्रदर्शन करने के लिए चल पड़े मगर अहसन मियां ने सब्र से काम लेने की बात कहते हुए मुरीदों को दरगाह पर ही रोक लिया। इस पर मुरीद दरगाह परिसर में ही इकट्ठे हो गए और नारेबाजी और प्रदर्शन करने लगे। तमाम लोग अहसन मियां के घर की छत पर भी इकट्ठे हो गए। इस बीच मदरसा फैजाने शहदाना वली कमेटी के सचिव मोहम्मद दानिश और प्रधानाचार्य मोहम्मद शहनवाज का दरगाह के नीचे शीरान रजा खां से आमना-सामना हो गया।
मोहम्मद दानिश और मोहम्मद शहनवाज के मुताबिक शीरान ने उनका रास्ता रोककर पूछा कि क्या वे लोग प्रदर्शन करने आए हैं। उन्होंने ‘हां’ में जवाब देते हुए कहा कि वे लोग अहसन मियां से मिलने जा रहे हैं। इस पर बिफरकर शीरान कहने लगे, ‘हां, हमने उनके खिलाफ बयानबाजी की है। आओ, मुझे मारो’। इस पर दोनों पक्षों में काफी देर तक तकरार होती रही। नौबत खींचतान तक पहुंचते देख वहां मौजूद लोगों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। दानिश और शहनवाज वहां से अहसन मियां के घर पहुंचे और पूरा वाकया बताया। वहां पर मौजूद टीटीएस के पदाधिकारी शाहिद नूरी, नासिर कुरैशी, अजमल नूरी, अफजाल बेग, परवेज नूरी, ताहिर अल्वी, औरंगजेब नूरी आदि ने इन लोगों को समझाकर शांत कर दिया। दरगाह पर पहुंचे अहसन मियां के मुरीद शहर के अलावा दूर-दराज से भी आए थे। प्रदर्शन करने वालों में रहपुरा चौधरी से शमी, बाकरगंज से डॉक्टर शफी, करमपुर चौधरी से शहबाज रजा, बिहारीपुर से फरहान रजा, बदायूं सैदपुर से तौसीफ रजा, किला रजा नगर से यूसुफ, छीपी टोला से गुलजार रजा, जसोली से राशिद अल्वी, स्वालेनगर से निसार रजा, महेशपुरा से सैयद एजाज, मुरादाबाद से अलशफ रजा, दिल्ली से कयूम आदि शामिल थे।