बरेली। सीमा पर दुश्मनों को धूल चटाने वाले सैनिक जनप्रतिनिधियों के रवैए से हार गए हैं। वर्षों से कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं के लिए जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगाकर थक चुके पूर्व सैनिक अब कॉलोनी में ‘विकास की बयार’ बहने की आस तक खो चुके हैं। अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार को लाल फाटक रोड स्थित चनेहटा की सैनिक कॉलोनी का जायजा लिया तो स्थिति बद से बदतर दिखाई दी। जनप्रतिनिधियों के खौफ से वे बदहाली की दास्तां तक बयां करने में घबरा रहे थे।
चनेहटा के अंदर सैनिक कॉलोनी में करीब 200 सैनिक परिवार रहते हैं। करीब 20 वर्ष पहले बनी इस कॉलोनी में एक स्कूल को जाने वाले मार्ग को छोड़कर अन्य मार्ग कच्चे या टाइल्स बिछाई हुई है। सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगी है, लेकिन ज्यादातर लाइट खराब पड़ी हैं। नाम प्रकाशित नहीं किए जाने के आश्वासन पर स्थानीय निवासियों ने बताया कि कॉलोनी में प्रधान हरीश का प्रभुत्व है, जिनकी बिथरी विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल से तनातनी है।
विधायक ने पूर्व में कॉलोनी में सीवर लाइन, वाटर पाइप लाइन और नालियां समेत सड़कें बनाने का आश्वासन दिया था, जिसमें से कुछ जगहों पर टाइल्स बिछीं, नालियां भी बनाई गईं। वाटर लाइन भी बिछी, लेकिन उनमें अब तक पानी नहीं आया है। सबमर्सिबल लगाकर घरों में पानी की आपूर्ति की जा रही है।
सफाईकर्मी हैं लेकिन कोई कूड़ा नहीं उठाता
कॉलोनी निवासियों के मुताबिक ग्राम में सफाईकर्मी तैनात हैं, जो सिर्फ मुख्य मार्ग तक ही कूड़ा उठाता है। कॉलोनी के अंदर कूड़ा उठाने नहीं आता, जिसके चलते निवासी पास ही के खाली पड़े प्लाटों में कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं। अब प्लॉट में भी कूड़े का अंबार लगने से क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है। हालांकि कॉलोनी के बाहर दुकानदारों से बात की गई तो उन्होंने क्षेत्र में प्रधान की कार्यशैली को सराहा। उन्होंने भी सैनिक कॉलोनी में मौजूद समस्याओं के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
विधायक और प्रधान से हुई मांग
कॉलोनी में नालियां हैं लेकिन वे कॉलोनी के आखिर तक पहुंचते ही बंद हो जाती हैं। इसलिए जलनिकासी न होने से बारिश में जलभराव रहता है। वहीं सीवर लाइन कॉलोनी में अब तक बिछाई ही नहीं गई है। निवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार विधायक और प्रधान से नालियों के निकास को दुरुस्त कराने, सीवर लाइन बिछाने के लिए कई बार ज्ञापन सौंपा, लेकिन अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है।