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15 बीघा जमीन के लिए आठ साल के बच्चे को ताऊ-चाचा से खतरा

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बरेली। बाल कल्याण समिति ने 15 बीघा जमीन के लिए एक आठ साल के अनाथ बच्चे की जान को खतरा बताया है। समिति ने एसपी (क्राइम) को रिपोर्ट दी है कि यह बच्चा जिन ताऊ और चाचा के पास रह रहा है, उनके पास बच्चे के साथ अनहोनी हो सकती है। इसलिए इस बच्चे को पुलिस के देखभाल, संरक्षण और सुरक्षा की जरूरत है। समिति की रिपोर्ट के बाद मामले को लेकर पुलिस सजग हो गई है।
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बचपन बचाओ आंदोलन के चेयरपर्सन आरएस चौरसिया ने मामले को लेकर मई 19 में एडिशनल जिला एंड सेशन जज (जिला ह्यूमन राइट्स कोर्ट, बरेली) और डीएम को लेटर भेजा था। बाल कल्याण समिति की जांच में यह प्रकरण काफी संवेदनशील मिला है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, बहेड़ी के मुड़िया नवी बक्स के ग्राम मूसापुर उर्फ घाटगांव के आठ साल के बच्चे कृष्णपाल की जांच को उसके घरवालों से ही खतरा है। उसके पिता वृंदावन तीन भाइयों में मझले थे। वृंदावन को छोड़ बाकी उसके दोनों भाइयों की शादी हो गई थी। बताते हैं कि गांव का एक व्यक्ति बंगाल से एक युवती को लाया था, जो बाद में वृंदावन के साथ में रहने लगी। इसके कुछ माह बाद वृंदावन की मौत हो गई। इसके कुछ माह बाद युवती ने बेटे को जन्म दिया। वृंदावन की मौत के बाद युवती ने अपने हिस्से में आने वाली 15 बीघा जमीन का हक मांगा, लेकिन घरवालों ने उसे हिस्सा देने से इनकार कर दिया। कुछ समय पहले इस युवती की भी मौत हो चुकी है। उसका आठ साल का बच्चा कृष्णपाल अपने कथित ताऊ और चाचा के पास ही रह रहा है। इस बच्चे को हाल में बाल संरक्षण समिति के सामने भी प्रस्तुत किया गया था। समिति ने बच्चे के ताऊ और चाचा से मामले में शपथ पत्र मांगा था। हालांकि समिति ने इनके जवाब से संतुष्ट नहीं है। इसलिए उसने संपत्ति के लिए बच्चे की जान को खतरा बताते हुए एसपी क्राइम को रिपोर्ट भेज दी है। इसमें समिति से पुलिस से इन बिंदुओं पर जांच मांगी है कि बच्चे का पिता कौन है, क्या वह वर्तमान संरक्षण में सुरक्षित है। अगर बच्चे की जान को खतरा है तो बाल गृह में भेजने की कार्रवाई की जाए।

यह मामला गंभीर है। एसपी क्राइम को इसकी रिपोर्ट भेज दी गई है। बच्चे के जो ताऊ और चाचा बताए जा रहे हैं, उनके संरक्षण में बच्चे को रखना सुरक्षित नहीं है। -डीएन शर्मा, सदस्य, बाल कल्याण समिति
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