निगोही (शाहजहांपुर)। अंधाधुंध बिजली कटौती से गुस्साए भाकियू राष्ट्रवादी के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को उपकेंद्र का घेराव कर लिया। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जुलूस की शक्ल में किसान हमजापुर चौराहे पर पहुंचे और जाम लगा दिया। यहां बात नहीं बनी तो फिर से बिजलीघर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। जेई ने 12 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति दुुरुस्त कराने का लिखित आश्वासन देकर धरना प्रदर्शन खत्म कराया।
धरना स्थल पर भाकियू के जिलाध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि निगोही उपकेंद्र से जिंदपुरा फीडर को पर्याप्त बिजली नहीं दी जा ती है। इस वजह से इस फीडर से जुड़े संडा खास, खेरा संडा, ऊन कलां, ऊन खुर्द, पिपरिया उदयभानपुर, जठियुरा, जिंदपुरा, बनास देवी, पतराजपुर समेत लगभग 20 गांवों को बमुश्किल छह से सात घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इस वजह से किसानों की गन्ने की फसल सिंचाई के अभाव में सूख रही है। किसानों का बिजली कटौती को लेकर यह तीसरी बार गुस्सा फूटा था। किसान सुबह 11 बजे बिजली घर पहुंचे और यहां नारेबाजी और हंगामा करने के बाद 1:30 बजे हमजापुर चौराहे पर पहुुंचे और नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। इससे शाहजहांपुर-पीलीभीत व पुवाया-तिलहर मार्ग पर वाहनों की लाइनें लग गई। सूचना मिलते ही एसओ दलवीर सिंह मौके पर पहुंचे। जाम खुलवाने की कोशिश में उनकी माधुरी कुशवाहा से नोकझोंक भी हो गई। एसओ ने एसडीओ सतीश जायसवाल से मोबाइल पर वार्ता कराई। बात होने पर एक घंटे बाद जाम खुल गया। इसके बाद ये लोग दोबारा बिजली घर पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। तीसरे पहर 3:30 बजे जेई गजेंद्र पाल धरना स्थल पर पहुंचे। पांच बजे तक वार्ता चलती रही। बाद में 12 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल करवा देने के लिखित आश्वासन पर किसान शांत हुए। धरना प्रदर्शन में प्रभा देवी, रामबाबू सिंह, सूरजपाल, सुधीर सिंह, धनपाल सिंह, राजकुमार गुप्ता, अवनीश कुमार, मुन्ना सिंह, ममता शर्मा, सत्यनाम सिंह, बबलू सिंह आदि मौजूद रहे।