नवाबगंज। समाजसेवी मेवाराम भगत को आखिरकार बीच सड़क पर अपने कपड़े जरूर उतारने पड़े लेकिन इतने भर से सिस्टम नंगा हो गया। दरअसल पहले तो नवाबगंज से बीजामऊ तक के लिए बमुश्किल सड़क का निर्माण मंजूर हुआ, इसके बाद अब सड़क बनने की नौबत आई तो ठेकेदार ने गड़बड़ियों की हद कर दी। खुलेआम ठेकेदार को मानकों से खिलवाड़ करते देख लोगों ने तमाम शिकायतें कीं लेकिन अफसरों की ओर से भी न घटिया सड़क निर्माण रोकने की कोशिश हुई न ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई। आखिरकार समाजसेवी मेवाराम भगत बेपरवाह अफसरों को सबक सिखाने का बीड़ा उठाया। मंगलवार को वह बीच सड़क पर अर्द्धनग्न होकर धरना देने बैठे तो खलबली मच गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम और तहसीलदार ने उन्हें मानकों के अनुरूप सड़क का निर्माण कराने का आश्वासन देकर मनाया और फिर जूस पिलाकर धरना खत्म कराया।
नवाबगंज से बीजामऊ तक हाल ही में सड़क का निर्माण शुरू हुआ है। ठेकेदार ने इसमें शुरू से ही एक के बाद एक गड़बड़ियां करनी शुरू कर दीं। गांव वालों के मुताबिक निर्माण में एक तो पत्थर के साथ भारी मात्रा में नदी के रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे इस बात का पूरा अंदेशा है कि यह सड़क ज्यादा दिन नहीं चल पाएगी, दूसरे हाईवे से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक लगभग दो मीटर तक जहां यह सड़क काफी गहरी है और बारिश के दिनों में पानी में डूब जाती है, उस हिस्से को लोक निर्माण विभाग समतल कराए बगैर सड़क का निर्माण करा रहा है। ऐसे में जाहिर है कि बरसात की शुरुआत होते ही यह सड़क फिर टूट जाएगी।
पीडब्ल्यूडी और प्रशासन के अधिकारियों से इस बारे में कई शिकायतें करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई तो नाराज होकर समाजसेवी मेवाराम भगत मंगलवार को अर्द्धनग्न होकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इसकी सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन में खलबली मच गई। एसडीएम ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर भेज दी। शाम को एसडीएम अरुणमणि तिवारी खुद भी तहसीलदार आनंद कुमार तिवारी और लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता गौरी शंकर को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। भगत जी को सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप कराने के साथ गहरी सड़क को भी समतल कराने का आश्वासन देकर मनाया और फिर उन्हें जूस पिलाकर धरना समाप्त करा दिया।