बरेली। सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में रिक्त ड्रेसर के पद पर अस्पताल के ही कर्मचारी के पुत्र की गुपचुप नियुक्ति की तैयारी चल रही है। आवेदन के बाद अधीक्षक ने संस्तुति कर प्रार्थना पत्र भी आगे बढ़ा दिया है। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की तो उसकी जांच प्राचार्य, चिकित्सा शिक्षा, मेडिकल कॉलेज बरेली को सौंपी गई है। हालांकि सीतापुर नेत्र चिकित्सालय के अधीक्षक ने आरोप को गलत करार दिया है।
अयूब खां चौैराहा स्थित सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में ड्रेसर का पद कई साल से खाली है। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने कोई विज्ञापन निकाले बिना ही गुपचुप तरीके से अस्पताल के ही एक कर्मचारी के पुत्र को यह नौकरी देने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में प्रवीण कुमार शुक्ल की गुपचुप तरीके से ड्रेसर के रिक्त पद पर राजनीतिक दबाव डाल कर गुपचुप तरीके से नियुक्ति की तैयारी चल रही है। आरोप है कि प्रवीण शुक्ल के पिता ललित कुमार शुक्ल पहले से ही इस अस्पताल में मृतक आश्रित के तौर पर कार्यरत हैं। अब प्रवीण कुमार शुक्ल के आवेदन को अस्पताल के अधीक्षक ने ड्रेसर का पद रिक्त बताते हुए अग्रसारित कर दिया है। जबकि इस अस्पताल के अध्यक्ष डीएम और कार्यकारी अध्यक्ष सीडीओ हैं। फिर भी समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराए बिना नियुक्ति की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस शिकायत की जांच प्राचार्य, चिकित्सा एवं शिक्षा, मेडिकल कॉलेज बरेली को सौंपी है।
अस्पताल प्रशासन अपने स्तर से कोई नियुक्ति नहीं कर रहा। ड्रेसर पद के लिए प्रवीण कुमार शुक्ल का आवेदन मिला है। रिक्त पद के लिए कोई विज्ञापन प्रकाशित नहीं हुआ है। संस्था के अध्यक्ष डीएम और कार्यकारी अध्यक्ष सीडीओ हैं। नियुक्ति उनके स्तर से गठित कमेटी ही करेगी। मै अपने स्तर से कोई नियुक्ति नहीं कर सकता। प्रवीण के आवेदन पर ड्रेसर के रिक्त पद के बारे में जानकारी मांगी गई थी। इसलिए आवेदन पर ड्रेसर का पद रिक्त होने की बात लिख अग्रसारित कर दिया गया। गुपचुप तरीके से नियुक्ति की कोशिश के आरोप गलत हैं।
डॉ. वीवी सिद्धू, अधीक्षक सीतापुर आंख अस्पताल