बरेली। उच्च शिक्षा विभाग का आदेश मिलने के बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण छात्र-छात्राओं को दस प्रतिशत आरक्षण देने की तैयारी कर ली है। इसके लिए विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कोर्स में करीब 25 हजार सीटें बढ़ाई गई हैं। वहीं, प्रोफेशनल कोर्स में यह आरक्षण लागू करने के लिए ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई), बार काउंसिल ऑफ इंडिया और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) के आदेश का इंतजार कर रहा है।
पिछले साल सरकार ने गरीब सवर्णाें के लिए दस प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की थी। अब उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के शैक्षिक संस्थानों में इसे लागू करने के आदेश दिए हैं। आदेश मिलते ही रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अंतर्गत विभिन्न महाविद्यालयों में संचालित कोर्स की सीटों में दस प्रतिशत इजाफा कर दिया गया है। इस तरह विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालय में करीब 25 हजार सीटें बढ़ गई हैं। कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने बताया कि फिलहाल विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रम और डिप्लोमा कोर्स में इसे लागू किया गया है। प्रोफेशनल कोर्स में उससे संबंधित संस्था एआईसीटीई, एनसीटीई और बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मंजूरी मिलने के बाद लागू किया जाएगा।
इन कोर्स में मिलेगा सवर्णों को आरक्षण का लाभ
बीए, बीएसी, बीकॉम, एमए, एमएससी, एमकॉम और विश्वविद्यालय के डिप्लोमा कोर्स जैसे कि मॉस कम्युनिकेशन, पीजीडीसीए आदि।
इनमें करना होगा इंतजार
बीटेक, एमबीए, बीफार्मा, बीएड, एमएड, बीपीएड, बीएलएल, होटल मैनेजमेंट, एलएलबी, एलएलएम आदि।
सवर्ण आरक्षण से बरेली कॉलेज की बढ़ेगी मुश्किल
सवर्णों का आरक्षण लागू होने को लेकर बरेली कॉलेज प्रशासन परेशान है। यहां एडमिशन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो चुका है और इसके साथ ही जाति समेत सारे दस्तावेज अपलोड करने के लिए कहा गया है। ऐसे में जो छात्र आवेदन कर चुके हैं, उनके लिए क्या व्यवस्था होगी, इस संबंध में अब तक कोई दिशा-निर्देश नहीं जारी हुआ है। बरेली कॉलेज के प्रवेश समन्वयक डॉ. अनुराग मोहन ने बताया कि अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह सर्टिफिकेट कहां से जारी होगा, किसका सर्टिफिकेट मान्य होगा। इसको लेकर अभी असमंजस की स्थिति है।