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कमिश्नर ने ‘समझाया’ तो व्यापारी भी मान गए घर में होटल गलत

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बरेली। स्टेडियम रोड पर घर के लिए बनी इमारत में बगैर फायर एनओसी के चल रहे तीन मंजिला होटल जेएस ग्रांट को सील करने के विरोध में व्यापारी नेता शनिवार को कमिश्नर रणवीर प्रसाद से मिलने पहुंच गए लेकिन कमिश्नर ने उन्हें ही आड़े हाथों ले लिया। कमिश्नर ने व्यापारियों से ही पूछा कि घर के नक्शे पर चल रहे इस होटल में अगर कोई हादसा हो गया तो क्या वे उसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। इस पर व्यापारी नेताओं ने भी मान लिया कि घर की बिल्डिंग में होटल चलाना गलत है। यह जरूर कहा कि शासन से ऐसे मामलों के लिए एक नीति बना देनी चाहिए ताकि कारोबारियों के आगे स्थिति स्पष्ट हो सके।
कमिश्नर से मिले व्यापारियों ने होटल को सील करने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बीडीए अगर ऐसे ही कार्रवाई करेगा तो व्यापारियों को शहर में कारोबार करने में मुश्किल होगी। कमिश्नर ने कहा कि जिन कामर्शियल इमारतों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं, शासन ने उन पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। बीडीए उसी का पालन कर रहा है। अगर व्यापारी हर मामले में इस तरह खड़े होंगे तो बीडीए और प्रशासन कैसे अपना काम करेगा। उन्होंने व्यापारियों से पूछा कि अग्निशमन यंत्र न होने की वजह से कोई हादसा हो गया तो क्या उसकी जिम्मेदारी व्यापारी लेंगे।
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कमिश्नर ने व्यापारी नेताओं को इस बात पर भी कसा कि कोई समस्या थी तो होटल मालिक को पहले खुद आना चाहिए था। जब होटल मालिक नहीं आ रहा तो वे लोग क्यों उसकी पैरवी कर रहे हैं। कमिश्नर ने कहा कि जो अवैध भवन 10 साल पहले बनाए गए या रिहायशी नक्शा बनवाकर उनका कामर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा है, सिर्फ उन पर कार्रवाई की जा रही है। कमिश्नर के तेवर देखकर व्यापारियों ने खुद भी माना कि तीन मंजिल बिल्डिंग का रिहायशी नक्शा पास कराकर उसमें होटल चलाना गलत है। बोले- हालांकि इस तरह की बहुत सी इमारतें शहर में हैं। शासन एक पॉलिसी बना दे तो कारोबारियों को भी राहत मिल जाएगी। कमिश्नर से मिलने पहुंचे व्यापारियों में पवन अरोड़ा, नवीन अग्रवाल, संजीव जिंदल, संजीव साहनी आदि शामिल थे।
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