बरेली। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर ‘अमर उजाला’ की ओर से फ्यूचर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को इसके नुकसान बताए गए। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. सुदीप सरन ने युवाओं से कहा, धूम्रपान छोड़ दो... वरना यह शौक आदत बनकर जिंदगी को निगल जाएगा।
अपनी बात शुरू करने से पहले डॉ. सुदीप सरन ने युवाओं को दो गाने, हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया और फिर दम मारो दम.. के कुछ बोल सुनाए। इसके बाद सवाल-जवाब के जरिए वह छात्र-छात्राओं से जुड़े। कहा- तमाम परिवारों का कोई न कोई सदस्य इस लत का शिकार है। विश्व में 250 मिलियन स्मोकर्स हैं, उनमें सर्वाधिक 100 मिलियन भारत में हैं। विश्व में हर साल 100 लोगों की मृत्यु धूम्रपान से होती। यह विश्व की सबसे बड़ी दूसरी ऐसी बीमारी है जो मौत का कारण है। धूम्रपान के चलते हायपरटेंशन, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियां होती हैं। सिगरेट के एक कश में 2000 केमिकल शरीर में पहुंचते हैं, जिसमें 500 तो बहुत ही खतरनाक हैं। बताया फेफड़ों के कैंसर की 90 प्रतिशत वजह धूम्रपान है। युवाओं से अपील की, धूम्रपान से दूर रहें और दूसराें को प्रेरित करें। क्योंकि पहले यह शौक होता है, जो धीरे-धीरे आदत में तब्दील होकर जिंदगी को निगलने लगता है। इससे पूर्व सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया धूम्रपान के कारण ब्रोंकाइटिस और गंभीर फेफड़ाें की बीमारी होती है। बोले, स्मोकिंग की आदत एकसाथ नहीं छूटती। मगर इससे निजात पाने के अब बहुत सारे उपाय हैं। बाजार में निकोटिन की टेबलेट, च्युंगम, इलेक्ट्रिक सिगरेट आदि उपलब्ध है, जिनकी मदद से कम करके इस आदत से निजात पाया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रितेश ने किया और संस्थान के चेयरमैन मुकेश गुप्ता ने स्मृति चिह्न देकर दोनों अतिथियों का सम्मान किया।