बरेली। बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने बृहस्पतिवार को बैंक अफसरों के साथ की बैठक में उनसे अपील की कि शहर में बसाई जा रही अवैध कॉलोनियाें में घर बनाने के लिए वे किसी हालत में लोन न दें। उन्होंने कहा कि उनके आगाह करने के बाद भी अगर बैंकों ने लोन देना नहीं बंद किया तो बीडीए अनधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त करेगा, लिहाजा पैसा भी उन्हीं का डूबेगा। उपाध्यक्ष ने कहा कि वैध कॉलोनियों की सूची बीडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध है। लोन देने से पहले बैंक उसे देख लें या फिर सीधे प्राधिकरण से ही संपर्क कर लें।
बीडीए सभागार में पहली बार हुई ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी भवनों के पंजीकरण और आवंटन में प्रधानमंत्री आवास योजना के घटक सीएलएसएस (क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम) की बैठक में बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि शहर में तमाम अवैध कॉलोनियों में घर बनाने के लिए बैंकों से लोन देने के मामले सामने आ रहे हैं जो ठीक नहीं है। बैंक सिर्फ उन भवन मालिकों को लोन दें, जिनके नक्शे पास हैं या जिन्होंने वैध कॉलोनियों में घर बनाने के लिए आवेदन किया हो।
एक आवंटी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में मिले फ्लैट पर सब्सिडी मिली या नहीं, बैंक इसकी जानकारी मोबाइल पर नहीं दे रहे। इस पर बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि बैंकों को सब्सिडी की जानकारी संबंधित व्यक्तियों को मोबाइल पर देनी चाहिए। बीडीए से जो भी प्रधानमंत्री आवास दिए जाएंगे, उसके लिए 10 से 17 जून तक कैंप लगाया जाएगा। उसमें सारी समस्याओं का समाधान होगा।
ज्वाइंट जनरल मैनेजर आरके श्रीवास्तव ने होम लोन पर बैंकों द्वारा वसूली जाने वाली प्रोसेसिंग फीस की जानकारी दी। कहा कि बीडीए के प्रधानमंत्री आवास में कंवर्ट ईडब्ल्यूएस और एलआईजी भवनों को खरीदने पर छह लाख का मकान 3.32 लाख में और 10 लाख का 7.32 लाख में मिलेगा। सब्सिडी लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे आएगी। बैठक में बीडीए और बैंकों के अफसर मौजूद थे।