बरेली। बुधवार को बीडीए की टीम ने फोर्स की मौजूदगी में पीलीभीत बाईपास रोड पर सौ फुटा सड़क के मोड़ के पास अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। बिल्डर यहां करीब 30 बीघा जमीन पर बीडीए से नक्शा पास कराए बगैर भवनों का निर्माण करा रहे थे। बीडीए की तरफ से कॉलोनी को सील करने की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी थी, बावजूद इसके अवैध कॉलोनी का निर्माण बिल्डर गुपचुप ढंग से करा रहे थे। बीडीए की टीम ने करीब चार घंटे अभियान चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में करीब 12 निर्माणाधीन मकानों को दो जेसीबी की मदद से तोड़ दिया। दो मकानों को खाली करने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दे दिया गया है।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत विष्णुधाम कॉलोनी का नक्शा पास नहीं कराया गया था, जबकि 40 हजार मीटर जमीन (20 बीघा) पर गुपचुप तरीके से प्लाटिंग करके भवनों के निर्माण कराए जा रहे थे। बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि बीडीए से लेआउट पास कराए बिना यह कॉलोनी बनाए जाने की जानकारी जब लगी तो बिल्डर विनोद कुमार पचौली और भूपेंद्र कुर्मी को इसके लिए नोटिस भी दिया गया। इनसे कहा गया था कि वह निर्माण कार्य रुकवाकर पहले बीडीए से कंपाउंडिंग की प्रक्रिया को पूरा कर लें। बावजूद इसके न नक्शा पास कराया गया और न ही कॉलोनी बनाने का काम ही बंद हुआ। बीडीए ने इस पर कार्रवाई करते हुए कॉलोनी को नौ जनवरी को सील कर दिया था, लेकिन बाद में सील तोड़कर निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया। इस मामले में इज्जतनगर थाने में बिल्डर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी। कॉलोनी के चारों ओर बाउंड्रीवाल खींच कर नगर निगम के तालाब और श्मशान भूमि पर भी कब्जा कर लिया गया था। बीडीए को 23 अप्रैल को इस कॉलोनी के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी थी, लेकिन फोर्स न मिल पाने से कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
बुधवार को बीडीए के सचिव जहीरूद्दीन के नेतृत्व में टीम सुबह 10.30 बजे पुलिस बल और दो जेसीबी मशीनों के साथ अवैध कॉलोनी ढहाने पहुंची। बताते हैं कि यहां कुछ लोगों ने टीम को अंदर आने से रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस फोर्स ने उन्हें हटा दिया। इसके बाद दोपहर पौने दो बजे तक चली कार्रवाई में करीब दर्जनभर निर्माणाधीन भवनों को ध्वस्त कर दिया गया।