बरेली। ब्रांच ऑफ इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट की ओर से शहर के एक होटल में आयोजित एक दिवसीय सेमीनार में मौजूद लोगों को दिल्ली से आए स्पीकर सीए राजेंद्र अरोरा व सीए सुशील कुमार गुप्ता ने जीएसटी की वार्षिक रिटर्न फार्म व आडिट विषय पर व्याख्यान दिया।
वक्ताओं ने बताया कि एक जुलाई 2017 से लागू जीएसटी का प्रथम वर्ष 2017-2018 की वार्षिक रिटर्न, जिसकी देय तिथि 30 जून 2019 है। जिसे पिछले दो बार बढ़ाया जा चुका है। दोनों ने बताया कि दो करोड़ रुपये तक के टर्नओवर पर आडिट जरूरी नहीं है, लेकिन जीएसटी में टर्न ओवर ज्ञात करने के लिए टैक्सबिल, नॉन टैक्सबिल कर मुक्त को जीरो रेटेड, एडवांस जमा आदि को जोड़कर देखा जाता है। वहीं वार्षिक रिटर्न का फार्म प्रत्येक करदाता को फाइल करना है। चाहे करदाता ने वर्ष के मध्य में पंजीकरण रद्द या समाप्त भी कर दिया हो।
इससे पूर्व सेमीनार का शुभारंभ चेयरमैन सीए प्रकाशचंद्र शर्मा ने दीप प्रज्जवलन कर सीए मोटो गीत के साथ किया। संचालन सीए सचिव सुमित अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विजय गोपाल ने तथा धन्यवाद ज्ञापन अखिल रस्तोगी द्वारा किया गया। सेमीनार में पीलीभीत, बदायूं, हरदोई आदि जिलों के सीएम मौजूद रहे।