बरेली। पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने पर पति को अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश रेशमा चौधरी ने किया।
घटना की रिपोर्ट मृतका के पिता ब्रह्म प्रकाश शुक्ला ने थाना किला में दर्ज कराई। रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी बेटी दीपिका मिश्रा की शादी दस साल पहले बजरिया पूरनमल साहूकारा के रहने वाले धर्मेंद्र मिश्रा से हुई थी। शादी के बाद से ही दामाद ने बेटी को परेशान करना शुरू कर दिया। वह आए दिन पुत्री को मायके से पैसे लाने के लिए मारता पीटता था। इस बात की शिकायत बेटी ने उनसे की। घर न टूटे इसलिए उसको समझा-बुझा कर शांत कर दिया। बावजूद इसके धर्मेंद्र बेटी को परेशान करता रहा। साथ में बच्चों को भी आतंकित करता था। 16 फरवरी 17 की शाम को सात बजे उसकी बेटी ने दामाद धर्मेंद्र मिश्रा के उत्पीड़न से तंग आकर जहरीला पदार्थ खा लिया। खबर मिलने पर वे लोग बेटी के घर पहुंचे, उसको अस्पताल में एडमिट कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अभियोजन की ओर से सरकारी वकील संतोष श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। अदालत ने अभियुक्त धर्मेंद्र मिश्रा को दोषी ठहराते हुए सात साल कैद और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम को मृतका के बेटी और बेटे को देने का आदेश भी किया। ब्यूरो