बरेली। आयुष्मान योजना के नाम पर सीएमओ की बिना अनुमति शहर के अर्क नं. 4, अस्पताल प्रशासन द्वारा बुलाई गई बैठक को लेकर सेहत महकमे कार्रवाई शुरू कर दी है। सीएमओ ने इस मामले में नोडल अधिकारी/एसीएमओ डा. रंजन गौतम को जांच कर रिपोर्ट सौपने के आदेश दिए हैं। उनके आदेश पर डा. रंजन गौतम ने अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए नोटिस प्राप्ति के तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस की सूचना पर सीएमओ ने नोडल अधिकारी डा. रंजन गौतम को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सीएमओ विनीत शुक्ल ने बताया कि रविवार को अर्क नं. 4 अस्पताल प्रशासन ने बिना पूर्व अनुमति के आशा बहुओं की बैैठक अपने अस्पताल पर बुलाई थी। जानकारी होने पर इसकी सूचना जिला महिला अस्पताल की सीएमएस ने उन्हें दी थी। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्ट्या यह शिकायत सही पाई गई है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए नोडल अधिकारी/एसीएमओ डा. रंजन गौतम को आदेश दिए गए हैं।
नोडल अधिकारी/एसीएमओ डा. रंजन गौतम ने बताया कि अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। उन्होेंने बताया कि नोटिस में अस्पताल प्रशासन से यह भी जानना चाहा है कि जब आयुष्मान योजना में नार्मल डिलीवरी का प्रावधान नहीं है तो फिर आशाओं को अस्पताल बुलाने का मकसद क्या था। आशा बहुएं स्वास्थ्य विभाग के सिस्टम के तहत कार्य करती हैं। ऐसे में बिना सीएमओ की अनुमति के उन्हें निजी अस्पताल में कैसे बुला लिया गया। डा. गौतम ने बताया कि संतोष जनक उत्तर न मिलने पर अस्पताल की आयुष्मान योजना की मान्यता समाप्त करने की भी चेतावनी दी गई है।
दलाल आशा बहुओं पर कसेगा शिकंजा
बरेली। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े रहने व मानदेय प्राप्त करने के बाद भी निजी अस्पतालों में मरीजों को भेजने वाली आशा बहुओं पर भी सेहत महकमे ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बाद एसीएमओ ने अब जागर सख्ती दिखाने की दिशा में प्रयास शुरू किया है। नोडल अधिकारी डा. रंजन गौतम ने बताया कि जो आशा बहुएं रविवार को अर्क नं. 4 अस्पताल में गईं थीं उनकी सूची तैयार की जा रही है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन से भी उनके नाम मांगे गए हैं। सेहत महकमा अपने स्तर से भी उनकी सूची तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा शहर के कुछ ऐसे नर्सिंग होमों की भी सूची तैयार की जा रही है जो आशाओं को कमीशन का लालच देकर मरीज अपने यहां बुलवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन अस्पतालों के निकट भी मुखबिर लगाए जाएंगे। मौके पर पकड़े जाने पर आशा व अस्पताल प्रशासन दोनों पर कार्रवाई की जाएगी।