बरेली। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव जब भी अपने प्रत्याशियों के लोकसभा चुनाव में औंधे मुंह लुढ़क जाने की समीक्षा करेंगे तो शायद नवाबगंज और भोजीपुरा इलाकों का भी जिक्र जरूर आएगा जहां मुसलमानों की बहुलता वाले इलाकों में कांग्रेस को तीस हजार से ज्यादा वोट ट्रांसफर हो गया। जिले के पार्टी के नेताओं के अंदर अभी से इसको लेकर हलचल मची हुई है। यह बेहद हैरतअंगेज माना जा रहा है कि जिस कांग्रेस को पूरे सूबे में सफाया हो गया, उसे भोजीपुरा और नवाबगंज में मुसलमानों ने आंखें मूंदकर इतने वोट क्यों दे डाले।
नवाबगंज विधानसभा क्षेत्र जो सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी भगवत सरन गंगवार का गृह क्षेत्र हैं और जहां से वह कई बार विधायक रह चुके हैं, वहां भाजपा जहां 1 लाख 10 हजार 628 वोट लेकर सबसे आगे रहीं, वहीं खुद भगवत सरन यहां सिर्फ 68 हजार 788 वोट पाकर भाजपा से काफी पिछड़ गए। इससे भी ज्यादा आश्चर्यजनक यह है कि नवाबगंज में कांग्रेस को 25 हजार 166 वोट मिले हैं। इनमें अधिकांश वोट मुस्लिम बहुल बूथों पर कांग्रेस ने पाए हैं। इनमें भी मुसलमानों की की एक खास बिरादरी के वोट कांग्रेस को सर्वाधिक मिले हैं जबकि इस वोट बैंक की अगुवाई करने वाले बड़े नेता सपा में हैं। मुस्लिम बहुल रसूला तालिब हुसैन में कांग्रेस को 103 वोट मिल गए जबकि सपा को 171 वोट ही मिल पाए। कुंआंडांटा बूथ पर भी कांग्रेस को 257 वोट मिल गए जबकि इस बूथ पर सपा को 120 वोट ही मिले। ज्यादातर बाकी मुस्लिम बहुल बूथों पर भी सपा का प्रदर्शन इसलिए कमजोर रहा क्योंकि कांग्रेस प्रत्येक मुस्लिम बहुल बूथ पर कुछ न कुछ वोट पाने में कामयाब रही। अगर यह वोट गठबंधन को मिलता तो स्थिति कुछ और होती।
इसी तरह प्राइमरी स्कूल नवदिया के बूथ पर कांग्रेस को 170 वोट मिले जबकि सपा को 128 वोट ही मिल पाए। सेंथल के बूथ पर भी कांग्रेस को 184 और सपा को 191 वोट मिले। भाजपा भी हालांकि इस बूथ पर 233 वोट पाने में कामयाब रही। सेंथल में ही आर्य महिला इंटर कॉलेज के छह बूथों में से किसी-किसी पर कांग्रेस को 150 और 200 से अधिक वोट मिल गए। टांडा सादात प्राथमिक विद्यालय के सेंथल के छह बूथों पर भी कांग्रेस को 150 से ज्यादा वोट मिले जबकि यह इलाके मुस्लिम बहुल हैं। प्राथमिक विद्यालय लाडपुर उस्मानपुर के चार बूथों में प्रत्येक पर कांग्रेस को 150 से 250 और कहीं-कहीं इससे भी अधिक वोट मिले। प्राथमिक विद्यालय सिजौलिया, श्री कृष्ण इंटर कालेज नवाबगंज और प्राइमारी पाठशाला नवाबगंज के बूथों पर भी कांग्रेस ने सपा के मुकाबले अधिक वोट हासिल किए।
जेपीएस इंटर कालेज नवाबगंज भी मुस्लिम बहुल इलाका है। यहां कांग्रेस को आठ से 10 बूथों पर 150 से लेकर 301 वोट तक मिला है जो भाजपा को मिले वोटों से भी अधिक है। इसके विपरीत हिंदू बहुल इलाकों में कांग्रेस को बहुत कम वोट मिला। मुस्लिम बहुल रिछौला किफायतुल्ला के पांच बूथों में प्रत्येक पर कांग्रेस को 343 से 464 वोट मिले हैं। मुस्लिम बहुल हाफिजगंज, बकैनियां, ढकिया सहादत अली, हरहरपुर मटकली में भी कांग्रेस ने सपा और भाजपा के मुकाबले अधिक वोट हासिल किए। नवाबगंज और भोजीपुरा में कांग्रेस को सपा का वोट समझे जाने वाले मुस्लिमों के 30 हजार से ज्यादा वोट मिल गए। दोनों इलाकों में सपा को पीछे ढकेलने में मुस्लिम वोट का कांग्रेस की ओर खिसकना अहम कारण माना जा रहा है।