बरेली। गांव की गर्भवती महिलाओं की कुंडली रखने वाली आशा बहुएं सरकारी सिस्टम को पलीता लगा रही हैं। ऐसा करने के लिए निजी अस्पताल इन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं। रविवार को एक निजी अस्पताल ने आयुष्मान योजना की जानकारी देने के बहाने आशा बहुओं की मीटिंग बुला ली। मीटिंग का असली मकसद ये था कि आप हमें मरीज लाकर दो, बदले में हम आपको कमीशन देंगे। इसकी भनक लगने पर सीएमओ ने नोडल अधिकारी को मौके पर भेज दिया, लेकिन सिस्टम के भेदियों ने यहां पहले ही सूचना पहुंचा दी थी। लिहाजा आनन-फानन मीटिंग खत्म कर दी गई।
शहर के निजी अस्पतालों की आशा बहुओं से अच्छी सेटिंग हैं। ये आशा बहुएं अपनी सेटिंग वाले अस्पतालों में मरीजों को पहुंचाती हैं। जहां उन्हें बेहतर कमीशन मिल जाता है। जिले की कई आशा बहुएं मानदेय तो सरकार से ले रहीं हैं, लेकिन कमीशन के लिए निजी अस्पतालों पर मेहरबानी दिखाती हैं। अस्पताल प्रशासन भी तरह-तरह से इन्हें प्रोत्साहित करते रहते हैं। इसी कड़ी में रविवार को शहर के अर्क नं. चार अस्पताल प्रशासन ने आशा बहुओं को सुबह दस बजे अपने अस्पताल मीटिंग की बात कह बुलाया। इसके लिए कुछ आशा बहुओं को अस्पताल प्रशासन ने स्वयं फोन किया तो कुछ को अपने विश्वास वाली आशाओं से भी फोन कराया। सुबह 11 बजे तक करीब 50 आशा बहुएं अस्पताल पहुंच गईं। वहां अस्पताल के स्टाफ ने सभी आशाओं से मरीज लाने व उसके एवज में मिलने वाले ‘फायदे’ पर गुफ्तगू करनी शुरू की। इसकी भनक लगने पर जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डा. अलका शर्मा ने सीएमओ को इसकी जानकारी दी। सीएमओ ने तुरंत नोडल अधिकारी को मौके पर पहुंच आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। लेकिन उनके पहुंचने से पहले अस्पताल प्रशासन को भनक लग गई। आनन-फानन में मीटिंग खत्म कर आशा बहुओं को वहां से चलता कर दिया गया।
आशाओं और अस्पताल कर्मियों में हुई नोकझोंक
कई आशा बहुएं बुलाई गई मीटिंग में 12 बजे के बाद अस्पताल पहुंचीं। अस्पताल प्रशासन के पास पहले से ही यह खबर पहुंच गई थी कि सीएमओ टीम भेज रहे हैं। लिहाजा अस्पताल के स्टाफ ने मीटिंग खत्म हो जाने की जानकारी देते हुए उन्हें अस्पताल परिसर से भगाना शुरू कर दिया। इस पर कई आशा बहुओं की वहां के स्टाफ से नोकझोंक तक हो गई।
अस्पताल और आशाओं को जारी किए जाएंगे नोटिस
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल अधिकारी डा. रंजन गौतम ने बताया कि रविवार को आशा बहुओं को अर्क नं.-4 अस्पताल में बुलाने की जानकारी सीएमओ के माध्यम से मिली थी। जांच को टीम भेजी थी, लेकिन तब तक वहां से आशा बहुएं जा चुकी थीं। डॉ. गौतम ने बताया कि अस्पताल की संचालिका डा. कविता शर्मा से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि आशाओं को आयुष्मान योजना के तहत मरीज लाने की जानकारी देने के लिए बुलाया गया था। नोडल अधिकारी ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने बिना सीएमओ की अनुमति आशाओं को अस्पताल में बुलाया था। इसलिए अस्पताल प्रशासन को सोमवार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लिया जाएगा। संतोष जनक उत्तर न मिलने पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। अस्पताल से बैठक में शामिल हुई आशाओं की सूची भी मांगी गई है। जिससे जो आशाएं बैठक में पहुंची थीं उनके खिलाफ भी नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा सके।