बरेली। कमिश्नर के आदेश के बाद एनएचएआई के अफसरों ने लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर फतेहगंज पूर्वी के पास पड़ने वाली हुलासनगरा रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण जल्द शुरू कराने की कोशिश शुरू कर दी है। अफसरों का कहना है कि इस काम को सीतापुर फोरलेन की परियोजना से अलग कर दिया गया है। इस पुल के लिए करीब 45 करोड़ रुपये का टेंडर अलग से अगले माह कराने की तैयारी है। इस पुल के न बनने से इस हाईवे पर अक्सर काफी लंबा जाम लगता है।
एनएचएआई ने पहले करीब 2200 करोड़ की बरेली-सीतापुर फोरलेन की परियोजना केंद्र सरकार से पास कराई थी। करीब 30 फीसदी काम हुआ लेकिन इसका ठेका लेने वाले कंपनी इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर पिछले साल काम छोड़कर चली गई। इसी परियोजना में हुलासनगरा आरओबी को बनाया जाना भी शामिल था। इस रेलवे क्रासिंग पर पुल न बनने से हाईवे पर अक्सर जाम लगा रहता है। लखनऊ जाने वालों को कभी-कभी तीन से चार घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। हाल में कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इस रेलवे क्रासिंग के पुल निर्माण को लेकर एनएचएआई के चेयरमैन से वार्ता की थी। उन्होंने इस बात पर काफी जोर दिया था कि इस पुल का काम शुरू कराने के लिए इसे फोरलेन के प्रोजेक्ट से बाहर कर दिया जाए। कमिश्नर की इस कसरत के बाद आखिरकार ने एनएचएआई के अधिकारियों ने हुलासनगरा क्रासिंग के लिए पुल बनाने के टेंडर की प्रक्रिया शुरू करनी है। अगले माह ठेकेदार की नियुक्ति हो जाती है तो जल्द ही पुल निर्माण भी शुरू करा दिया जाएगा। करीब 12 सौ मीटर के इस पुल एक से डेढ़ साल में पूरा कराने का टारगेट रखा जाएगा।
हाईवे मरम्मत के लिए मांगे टेंडर
एनएचएआई के अधिकारी सीतापुर हाईवे की मरम्मत भी बारिश से पहले शुरू होनी है। बरसात शुरू होने के बाद यह काम करा पाना मुमरिन नहीं होगा। इसलिए एनएचएआई मुख्यालय ने इस काम के लिए टेंडर मांग लिए हैं। पिछले साल फरीदपुर और फतेहगंज पूर्वी सहित कई जगहों पर हाईवे के दरकने की घटनाएं हुईं थी।
‘हुलासनगरा रेलवे क्रासिंग को एनएचएआई बनवाएगा। इस पुल को काम जल्द शुरू करना है, इसलिए इसके टेंडर कराने की प्रक्रिया चल रही है। अगले माह तक ठेकेदार तय हो जाएगा।’
- आंकाक्ष, डिप्टी जीएम