सुमित्रा नंदन पंत को हिंदी साहित्य का पुरोधा बताया
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बरेली। इज्जतनगर रेल मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में सुप्रसिद्ध कवि सुमित्रा नंदन पंत के व्यक्तित्व एवं कृतित्व विषय पर प्रकाश डाला गया। गोष्ठी में एडीआरएम वीके गुप्ता ने कहा कि उन्हें छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में एक माना गया है। हिंदी साहित्य में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। सीनियर डीसीएम नीतू ने उन्हें हिंदी का वर्ड्सवर्थ बताते हुए कहा कि सुमित्रा नंदन पंत को पदम भूषण, ज्ञानपीठ, साहित्य अकादमी, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार से नवाजा गया। बरेली कॉलेज के दर्शनशास्त्र के एचओडी डॉ. एसी त्रिपाठी ने पंत को छायावादी भारतीय हिंदी साहित्य पुरोधा कवि बताया। गोष्ठी में एडीआरएम आशीष कुमार अग्रवाल, सीएमएस डॉ. अरुण खुन्नू, सीनियर डीओएम अनूप सिंह, नरमू के मंडल अध्यक्ष मुकेश सक्सेना, पीके दुबे आदि मौजूद रहे।