बरेली। प्रशासन की अनदेखी की वजह से वैसे तो मतगणना स्थल पर तमाम अव्यवस्थाएं हावी रही, लेकिन गर्मी से बुरी तरह तपते माहौल में यहां ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए पीने के पानी का भी इंतजाम किया जाना सबको सबसे ज्यादा खला। अफसरों ने अपने बैठने के लिए एसी रूम तैयार कराया था जहां से वे मतगणना के दौरान एक बार भी नहीं निकले। दूसरी तरफ स्टाफ के लिए पर्याप्त संख्या में पंखे भी नहीं लगाए गए थे। छायादार जगह की कमी ने बाहर ड्यूटी पर तैनात पुलिस वालों को बुरी तरह परेशान किया।
मतगणना स्थल पर अफसरों ने अपना कार्यालय छोड़कर बाकी सारी व्यवस्थाएं कामचलाऊ तरीके से की थीं। अफसरों के ऑफिस में एसी लगा था। डीएम-एसएसपी समेत तमाम अफसर सुबह से लेकर शाम तक वहीं डटे रहे। पुलिसकर्मी समेत अन्य कर्मचारी जहां धूप में खड़े होकर ड्यूटी करने को मजबूर थे, वहीं अफसरों ने ऑफिस से बाहर निकलकर राउंड लेने तक की जहमत नहीं उठाई। धूप में ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी कभी पेड़ के नीचे खड़े हो जाते तो कभी किसी गोदाम के टिन शेड के नीचे। नाम के लिए मतगणना स्थल पर कई मोबाइल टायलेट का इंतजाम किया गया था। लोहे से बने मोबाइल टायलेट धूप में खड़े-खड़े तप गए थे, जिससे लोगों को उसमें जाने तक की हिम्मत नहीं पड़ रही थी। ऊपर से उनमें काफी गंदगी भी थी। ऐसे में लोग मोबाइल टायलेट के बजाय खुले में टायलेट जाते नजर आए।
अपने लिए ठंडा पानी, स्टाफ के लिए पानी ही नहीं
मतगणना स्थल पर बनी कैंटीन में अफसरों के खाने-पीने के लिए बेहतर इंतजाम किए गए थे। मगर कर्मचारियों को पीने का पानी भी ढंग से मुहैया नहीं कराया गया। बहुत ही गंदे वाटर कूलर में पानी की सप्लाई की गई, जो कुछ ही देर में खत्म हो गई। इसके बाद कर्मचारियों को ठंडा पानी भी नसीब नहीं हुआ।
मीडिया सेंटर में अफरातफरी का माहौल
मतगणना स्थल पर मीडिया कर्मियों की सहूलियत को देखते हुए मीडिया सेंटर बनवाया गया था। इसमें कुछ कुर्सियां और दो-तीन पंखे भी लगाए थे। लोगों के लिए अन्य कोई स्थान न होने के चलते जिसे भी गर्मी लगती वह मीडिया सेंटर में घुस जाता था। इसके चलते पूरे ही दिन यहां अव्यवस्था का माहौल बना रहा।