बरेली। खुदा की कसम.. हमने तो वोट मोदी को ही दिया। देता भी क्यों नहीं, घर में चूल्हा जलना मुश्किल था, मोदी की सरकार में मुझे मुफ्त गैस सिलिंडर मिला वह भी बगैर कोई रिश्वत दिए। जितनी मुश्किल से मेरे घर का गुजारा चलता है, मैं तो अपनी आमदनी से सिलिंडर खरीदने की सोच भी नहीं सकता था। अब मौका आया तो बदले में मोदी को वोट दे दिया। पहले तो बिरादरी के डर से किसी को नहीं बताया कि रहना तो यहीं है, अब इसलिए नहीं बताना चाहता क्योंकि अब मैं जलते तवे पर बैठ जाऊं तब भी कोई यकीन नहीं मानेगा। फिर भी कोई अफसोस नहीं, मन में मोदी को वोट देकर सुकून है।
यह कहना था रोहली टोला के रहने वाले 27 वर्षीय तालिब बेग का जो काफी कुरेदने के बाद असलियत बयान करने को तैयार हुए। पुराना शहर के कई मुस्लिम बहुल इलाकों में तालिब की तरह और भी लोग हैं जो पहली बार सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के बाद मोदी सरकार के मुरीद हो गए। चाहे गैस कनेक्शन दिलाने वाली उज्ज्वला योजना हो या मकान बनाने के लिए बैंक ऋण की या फिर बिजली कनेक्शन दिलाने वाली सौभाग्य योजना। बृहस्पतिवार को मतगणना खत्म होने के बाद देर शाम जब यह संवाददाता इन इलाकों में पहुंचा और मुसलमानों को टटोला तो कई ऐसे लोग सामने आए जिन्होंने मोदी के नाम पर भाजपा को वोट देने का दावा किया। ज्यादातर लोगों का कहना था कि सरकारी योजनाओं का उन्हें बगैर रिश्वत के फायदा मिला तो उन्होंने भी मोदी को वोट देने से परहेज नहीं किया। अपने समाज के डर से पहले खुलकर नहीं बोल पाए लेकिन अब सरकार आ गई है तो खुलने में भी कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि कई लोगों ने यह दर्द भी जाहिर किया कि उनके भाजपा को वोट देने के बाद भी कोई उनका एतबार करने को तैयार नहीं है।
चक अब्बास नगर में रहने वाले हाजी अनीस अब्बासी ने बताया कि मोदी जी ने काम करने का दावा किया तो काम भी किए। उनका अपना घर टूटा हुआ था। प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत आवेदन किया और पैसा मंजूर हो गया। न किसी दफतर के चक्कर लगाने पड़े न किसी को रिश्वत देने का झंझट आड़े आया। मोदी की योजनाएं तो सभी के लिए थीं, जब हम मुसलमानों ने भी उनका फायदा उठाया तो फिर हम उन का साथ क्यों न दें। थोड़ा अफसोस इस बात का जरूर है कि कोई हमारे कहने के बावजूद भी नहीं मानेगा कि हमने उन्हें वोट दिया। उल्टे हम अपनी ही बिरादरी में अलग-थलग पड़ जाएंगे।
चक महमूद में रहने वाले जरी कारोबारी मुन्ना कहते हैं कि दिल में एक डर है भाजपा के जीतने पर क्योंकि डराया भी बहुत गया है। यही लगता है कि कोई परेशानी न हो। जवाब में टेलर शाहरुख का कहना था कि पिछले पांच साल में कोई दंगा नहीं हुआ। कारोबार में भी तरक्की हुई, और क्या चाहिए । गद्दी पर तो कोई तो बैठेगा ही तो मोदी के बैठने से क्या फर्क है। रोहली टोला में रहने वाले ही मोहम्मद हसीब ने कहा कि यह बात गलत है कि सिर्फ एक पक्ष ने भाजपा को वोट दिया। बहुत सारी जगहों पर जैसे जवाहर मेमोरियल, चक महमूद, जगतपुर जैसे इलाकों में मुसलमानों ने भी भाजपा को वोट दिया। बजरिया इनायत गंज के दवा कारोबारी हसीब खां ने कहा कि सरकार अब छोटे कारोबारियों का ध्यान रखे, उनके लिए जीएसटी कम की जाए।
हमारे नबी ने मोदी जी से तीन तलाक खत्म कराया
सैलानी पर रेडिमेड गारमेंट का कारोबार करने वाले मुस्तफा नूरी ने कहा कि मोदी की पिछली सरकार में कुछ बहुत अच्छे काम हो गए। सबसे खास काम तो यह है कि हमारे नबी ने भी एक बार में तीन तलाक को मना फरमाया है। ऊपर वाले ने यह काम मोदी जी से करवाया और मुसलमानों को इस गलत काम से छुटकारा मिल गया। उन्होंने एक बार में तीन तलाक को कानून के जरिए खत्म किया। इस वजह से मुसलमानों की कौम को एक बड़ी सामाजिक बुराई से छुटकारा मिल गया। मोदी सरकार में विकास के कामों में भी मुसलमानों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया। नेताओं ने ही डर पैदा करके मुसलमानों को मुख्य धारा से अलग कर रखा है, लेकिन अब जैसे-जैसे असलियत सामने आ रही है, मुसलमान भाजपा से भी जुड़ने लगे हैं।