बरेली। मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के घर पर भी मुस्लिम महिलाओं ने जश्न मनाया। कहा, मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को उनका हक दिया। उसी के दम पर वे अपने हक की आवाज बुलंद कर सकी। फरहत ने कहा कि आजादी के बाद कई सरकारें आई लेकिन किसी ने मुस्लिम महिलाओं का स्तर उठाने के बारे में नहीं सोचा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक जैसी भयावह प्रथा को खत्म करने का बीड़ा उठाते हुए महिलाओं को बराबरी का हक दिया तो उन्होंने भी एकजुट होकर उन्हें वोट दिया। फरहत ने तीन तलाक अध्यादेश हटाने के राहुल गांधी के बयान की भर्त्सना की। बोलीं, इसीलिए महिलाओं ने उन्हें रोकने के लिए भी वोट किया।
तीन तलाक पीड़ित रुबीना खातून ने कहा कि उनकी बेटी के साथ ऐसा न हो इसलिए तीन तलाक कानून बनना बहुत जरूरी मानती हैं। आयशा ने कहा कि हलाला और बहु विवाह पर रोक लगनी चाहिए। इनकी इस्लाम में कहीं जगह नहीं है। गोविंदापुर की मंदो बी ने कहा कि महिलाएं अब मर्दों की कठपुतली नहीं हैं, यह उन्हें समझ लेना चाहिए। स्वाले नगर की अफरोज ने कहा कि उनकी बेटी का पति बार-बार दहेज के लिए मारपीट करता है। अब मोदी सरकार से उम्मीद है कि ऐसे लोगों के लिए कड़ा कानून बनाएगी। किला सब्जी मंडी की गुड़िया ने कहा कि शादी के 25 साल भी उनका पति दूसरी महिलाओं के पीछे पड़ा रहता है। मोदी सरकार से उम्मीद है कि उनकी जिंदगी में सुकून आएगा।