बरेली। लालफाटक ओवरब्रिज के काम को गति देने के लिए अफसरों ने एक बार फिर रूट डायवर्जन पर फोकस करना शुरू कर दिया है। कमिश्नर का कहना है कि ट्रैफिक को बंद किए बगैर रेलवे और सेतु निगम दोनों ही पुल बनाने में दिक्कत आएगी। इसलिए यातायात के विकल्प तैयार करना जरूरी है।
सेतु निगम के अधिकारियों के दिक्कत बताने के बाद करीब तीन माह पहले लालफाटक से रोडवेज बसों का संचालन बंद करके यातायात का डायवर्जन किया गया था। इससे बदायं जाने वाली बसों को फरीदपुर के पास से बुखारा रोड होते हुए करीब 30 किमी का लंबा चक्कर काटकर गुजरना पड़ रहा है। इसे लेकर रोडवेज के अधिकारियों और यात्रियों दोनों इसका विरोध किया था। रूट डायवर्जन से चौपुला चौराहे पर भी ट्रैफिक का काफी बोझ बढ़ गया था। काफी दिनों तक परेशानी झेलने के बाद रोडवेज बसों का संचालन लालफाटक से शुरू कर दिया गया। इधर कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने एक बार फिर से लालफाटक से रूट डायवर्जन को लेकर प्लानिंग शुरू कर दी है। उनका मानना है कि इस पुल के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए लालफाटक रोड पर ट्रैफिक को बंद करना जरूरी है। इसलिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम से रूट डायवर्जन किस तरह से संभव है, इस पर रिपोर्ट देने का कहा है। लालफाटक पर ट्रैफिक बंद हुआ तो चौपुला ओवरब्रिज के नीचे बंद रेलवे क्रासिंग को कुछ समय के लिए खोलने की अनुमति मांगी जा सकती है।
लालफाटक पर आज नहीं तो कल ट्रैफिक को बंद करना ही होगा। इसलिए अफसरों से रूट डायवर्जन के बारे में पूछा गया है। इसके आधार पर प्लानिंग बनेगी। -रणवीर प्रसाद, कमिश्नर