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रेलवे बदलेगा ठेकेदार और बढ़ाएगा साल भर का इंतजार

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बरेली। काम तेज कराने की कोशिशों के बीच रेलवे अफसरों ने आईवीआरआई ओवरब्रिज का प्रोजेक्ट करीब साल भर के लिए और लटका दिया है। दरअसल रेलवे ने यह प्रोजेक्ट जिस कॉन्ट्रेक्टर को दिया था, वह काफी पहले ही काम छोड़कर जा चुका है। रेलवे अधिकारियों ने उस पर दबाव बनाकर काम कराने के बजाय कॉन्ट्रेक्ट ही रद्द कर दिया है। इसके बाद अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, लिहाजा पुल का निर्माण पूरा करने में अब कम से कम साल भर का समय और लगने के आसार हैं। लिहाजा इस पुल पर जल्द फर्राटा भरने उम्मीद भी एक बार फिर टूट गई है।
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मार्च 2016 में आईवीआरआई और नैनीताल रोड को जोड़ने वाले 701.70 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज का निर्माण 38.23 करोड़ की लागत से पास हुआ था। यह प्रोजेक्ट अब तक पूरा नहीं हो सका है। इस बीच इसका 54.42 करोड़ का संशोधित प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। सबसे बड़ा अड़ंगा यह है कि क्रॉसिंग पर रेलवे को जिस 160 मीटर लंबे पुल का निर्माण कराना था, वह शुरू तक नहीं हो पा रहा है। रेलवे ने इसका ठेका जिस आउटसोर्सिंग एजेंसी को दिया था, उसने कुछ दिन काम किया और फिर काम अधूरा छोड़ दिया। महीनों काम ठप पड़ा रहा, लेकिन रेलवे अफसर नहीं जागे। बताते हैं कि ठेकेदार पुल के लिए लोहे के गार्डर ही तैयार नहीं कर सका। अब जागे रेलवे अफसरों ने आखिरकार कॉन्ट्रेक्ट रद्द कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू होने और ठेकेदार को काम देने में काफी समय लग सकता है। इसके बाद नया ठेकेदार पुल के लिए गार्डर बनवाने के साथ दूसरे काम कराएगा, इसमें भी काफी वक्त लगेगा। लिहाजा इस पुल पर रेलवे का काम पूरा होने में सालभर से कम समय नहीं लगने वाला।

कमिश्नर ने कहा- जुलाई तक पूरा कराएं अंडरपास
ओवरब्रिज का काम लंबे समय तक लटका देख कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने रेलवे अधिकारियों पर शिकंजा कस दिया है। उन्होंने रेलवे अफसरों को आदेश दिए है कि आईवीआरआई क्रासिंग पर जुलाई तक हर हाल में दोनों अंडरपास शुरू हो जाए ताकि पब्लिक के साथ बाइक, टेंपो समेत छोटे वाहनों का आवागमन शुरू सके। अभी अंडरपास न बनने से नैनीताल से आईवीआरआई की तरफ लोगों को रेललाइन से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे बुजुर्गों और बच्चों की जान पर खतरा भी बना रहता है। लाइन पार करते वक्त कई बार लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
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पूरा बनने से पहले टूटने लगा अंडरपास
अंडरपास के एक ब्लॉक का आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने लगा है। उसकी सीमेंट दरक कर टूटने से उसके अंदर की केबिल भी बाहर दिखाई देने लगी है। इससे रेलवे के काम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि अफसरों ने इसकी मरम्मत कराने की बात कही है।

रेलवे ने पुल का काम पुराने ठेकेदार से ले लिया है। नया कांट्रेक्ट देने और पुल बनाने में अभी काफी समय लगेगा। इसलिए रेलवे को जुलाई तक अंडरपास बनाने के निर्देश दिए हैं। - रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
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