बरेली। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता में बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने की पहल की। मगर एग्जिट पोल आते ही माननीयों ने अवैध कॉलोनाइजरों की पैरवी शुरू कर दी है। विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल में भाजपा की केंद्र में सरकार दोबारा आने का संकेत मिलते ही अवैध कॉलोनाइजरों के पक्ष में अफसरों पर फोन पहुंचने लगे हैं।
बीडीए ने हाल ही में दिल्ली हाईवे और पीलीभीत बाईपास रोड पर दो अनधिकृत कॉलोनाइजरों को बड़े स्तर पर अवैध कॉलोनियां बनाते पकड़ा था। इनमें से एक अवैध कॉलोनी के ध्वस्तीकरण के आदेश पारित किए गए थे। वह कॉलोनी 21 मई यानी आज ध्वस्त होनी है। 19 मई से पहले तक यह उम्मीद थी कि बीडीए की अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई होकर रहेगी। इसी बीच अवैध कॉलोनाइजर माननीयों के पास सिफारिश के लिए जा भी रहे थे तो माननीय उनकी सुन नहीं रहे थे क्योंकि ज्यादातर माननीयों का मानना था कि अफसर इस समय उनकी नहीं सुनेंगे क्योंकि आचार संहिता लगी है। फिर यह भी पता नहीं था कि केंद्र में अगली सरकार किसी बनेगी? मगर सात चरणों का चुनाव खत्म होने के बाद 19 मई की शाम को जैसे ही एग्जिट पोल आए, (जिनमें अधिकांश एग्जिट पोल एनडीए सरकार बनने के संकेत दे रहे थे) उसके बाद से माननीयों ने अवैध कॉलोनाइजरों की सिफारिश जोरशोर से शुरू कर दी।
बीडीए के अफसरों को भी फोन गए कि कॉलोनाइजरों को क्यों परेशान कर रहे हो? जो अवैध निर्माण कर रहा है, उसे करने दो। सबकी रोजी रोटी है। किसी भी कॉलोनी का, चाहे वह अवैध ही क्यों न हो? ध्वस्तीकरण नहीं होना चाहिए। माननीयों के फोन पहुंचते ही बीडीए के अफसर भी दबाव में हैं। फिलहाल, दिल्ली हाईवे रोड की अवैध कॉलोनी का मामला तो टलता नजर आ रहा है। अब पीलीभीत बाईपास रोड पर मुंशीनगर और एलआईसी बिल्डिंग के बीच में निर्माणाधीन अवैध कॉलोनी के ध्वस्तीकरण पर भी टालमटोल की जाने लगी है। हो सकता है कि बीडीए को मजिस्ट्रेट या पुलिस न मिले और इस अवैध कॉलोनी का ध्वस्तीकरण ही न हो पाए। हालांकि अभी बीडीए अफसरों का दावा है कि ध्वस्तीकरण की तारीख 21 मई है। मजिस्ट्रेट और पुलिस मिलते ही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कराया जाएगा।
अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई करने की प्राधिकरण की एक निश्चित प्रक्रिया है, जिन कॉलोनियों के ध्वस्तीकरण के आदेश पारित हैं, उन पर हर हाल में कार्रवाई होगी। सभी अवैध कॉलोनियों पर एक समान कार्रवाई होगी।
- दिव्या मित्तल, उपाध्यक्ष बीडीए