प्रसूता की अनदेखी पर सास ने नाराजगी जताई तो बौखलाई स्टाफ नर्स ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। सूचना पर यूपी 100 पुलिस भी पहुंच गई। डाक्टरों और पुलिस ने तीमारदारों को समझाकर शांत कराया। नर्स के माफी मांगने पर प्रसूता के परिजनों ने आगे की कार्रवाई करने से मना कर दिया।
गांव बीहट की सीता देवी अपने पुत्र शिवम की पत्नी रिंकी को प्रसव के लिए शनिवार सुबह करीब सवा आठ बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाई थी। सीता देवी के अनुसार, उसकी पुत्रवधू प्रसव वेदना से तड़प रही थी। उस समय वहां मौजूद नियमित और संविदा नर्स किसी बात को लेकर आपस में झगड़ रही थीं। उन्होंने कई बार स्टाफ नर्स से प्रसूता को देखने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने गौर नहीं किया। आरोप लगाया कि ज्यादा आग्रह करने पर नर्स ने उनके गाल पर थप्पड़ जड़ दिया। उधर, स्टाफ नर्स ने सीता देवी पर अशोभनीय टिप्पणी करने का आरोप लगाया। हंगामा बढ़ने पर प्रसूता के तीमारदारों ने यूपी 100 को फोन किया। मौके पर पुलिस पहुंची और समझाकर प्रसूता के परिजनों को शांत कराया। नर्स द्वारा गलती स्वीकार करने पर प्रसूता के पति ने आगे कार्रवाई करने से मना कर दिया। उधर, ड्यूटी पर तैनात डाक्टर मेधा पांडेय ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। दोनों में नोकझोंक हुई थी। थप्पड़ मारने का आरोप गलत है।
नर्स के स्थानांतरण की हो चुकी है संस्तुति
गौरतलब है कि इससे पहले सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने नगर पालिका अध्यक्ष संजीव सक्सेना की शिकायत पर तीन दशक से सीएचसी में तैनात इस नर्स को गलत व्यवहार के कारण स्थानांतरित करने की संस्तुति स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक से की थी। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने जांच की बात कहकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया।