बरेली। सेना, रक्षा विभाग और कैंट बोर्ड सदस्यों को कोटा के तहत दाखिला देने से इंकार करने के बाद सेंट मारिया गोरेटी इंटर कॉलेज ने आरटीई के तहत गरीब बच्चों को एडमिशन देने से भी मना कर दिया है। डीआईओएस को भेजे जवाब में कॉलेज ने खुद को माइनॉरिटी सोसायटी से संबंधित बताकर आरटीई एक्ट लागू न होने की बात कही है। इस पर डीआईओएस ने सेंट मारिया गोरेटी इंटर कॉलेज प्रशासन से इस संबंध में दस्तावेज मांगे हैं और दस्तावेज उपलब्ध न देने पर एडमिशन करने को कहा है।
पिछले दिनों समीक्षा बैठक के दौरान सीडीओ ने डीआईओएस को आरटीई के तहत सीबीएसई और आईसीएसई के स्कूल और कॉलेजों में 25 फीसदी सीटों पर आरटीई के तहत एडमिशन कराने के निर्देश दिए थे। इस पर डीआईओएस ने दो मई को जिले के 76 सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलोें को इसको लेकर आदेश दिया। इस पर सेंट मारिया गोरेटी इंटर कॉलेज ने खुद को माइनॉरिटी संस्था बताकर एडमिशन से इंकार कर दिया। कहा, उन पर आरटीई लागू नहीं होता। इस पर डीआईओएस ने कॉलेज से इस संबंध में दस्तावेज मांगे। जिस पर कॉलेज की ओर से पूर्व में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए आदेश की प्रतिलिपि डीआईओएस को सौंपी है। मगर, इसमें न तो सेंट मारिया का कहीं नाम है और न ही, संबधित मामले में वह पार्टी हैं। आईसीएसई/आईएससी बोर्ड या शासन की ओर से माइनॉरिटी संस्थान होने के चलते आरक्षण लागू नहीं होने का भी प्रमाण नहीं है।
सेंट मारिया गोरेटी इंटर कॉलेज ने माइनॉरिटी इंस्टीट्यूट बताकर आरटीई के तहत प्रवेश देने से इंकार किया है। ऐसे में उनसे संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। अगर आरटीई एक्ट लागू नहीं होने संबंधी ठोस दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए तो आरटीई के तहत एडमिशन देना पड़ेगा। - अचल कुमार मिश्र, डीआईओएस