‘बच्चों और परिवार के लिए जीवन भर संघर्ष करती है मां’
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मातृ दिवस पर 23 नारियों का सम्मान
लखीमपुर खीरी। एसपी पूनम ने कहा है कि संघर्ष का दूसरा नाम है मां, क्योंकि एक मां ही है जो अपने दु:ख दर्द भूलकर बच्चे और परिवार के उज्जवल भविष्य के लिए जीवन भर संघर्षरत रहती है। बच्चे की पहली शिक्षक उसकी मां होती है। इसलिए मां की जिम्मेदारी है कि वह बच्चे को संस्कार देकर दूसरों का सम्मान करना सिखाए। खासकर बेटों को महिलाओं की इज्जत करना बताए। बच्चे परिवार के अन्य सदस्यों के व्यवहार की नकल करते हैं, इसलिए सभी की जिम्मेदारी है कि वह ऐसा व्यवहार न करें कि बच्चा उसे सीखे।
एसपी पूनम अमर उजाला की मुहिम अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत माधव चिल्ड्रेंस एकेडमी एवं माधव गुरुकुलम परिवार की ओर से मातृ दिवस पर हुए कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं। मालूम हो कि रविवार को मातृ दिवस है। इससे पहले शनिवार को माधव चिल्ड्रेंस एकेडमी में ‘नारी सामाजिक उन्नति का आधार एवं बच्चों के जीवन में मां की भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी और मातृ गौरव सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर मां के महत्व का गुणगान करते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। विशिष्ट अतिथि एवं शिक्षिका डॉ. नमिता श्रीवास्तव ने स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाओं को बच्चों को संस्कार देने के लिए प्रेरित किया। नारी सशक्तीकरण की मूर्ति 23 मातृ शक्तियों को एसपी पूनम ने शॉल ओढ़ाकर पॉवर ऑफ वूमेन से सम्मानित किया। एसपी के हाथों सम्मान पाकर महिलाएं गदगद हो गईं। प्रबंधक रुचि बाजपेई, रितुराज बाजपेई, सेवानिवृत्त प्रवक्ता शिवकांत मिश्र, सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. रामअवतार शर्मा, पंडित रमाकांत, कराटे प्रशिक्षक जितेन्द्र बरनवाल, प्रधानाचार्य साधना अवस्थी एवं समस्त स्टाफ मौजूद रहा।