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मूल्यांकन पर उठे सवाल तो कुलपति ने खुद क्रॉस चेक कीं 120 कापियां

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बरेली। मूल्यांकन में गड़बड़ी और सांठगांठ कर नंबर बढ़ाने के आरोप लगने के बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने बृहस्पतिवार को बीएएमएस समेत कई विषय की 120 कापियां चेक कीं। यह कॉपियां उन्होंने कई बंडलों से अधिकतम नंबरों के आधार पर ली थीं, लेकिन उन्हें कहीं कोई गड़बड़ी नहीं मिली। फिलहाल, मामले की जांच के लिए प्रो. एके जैतली की निगरानी में तीन सदस्यीय कमेटी बना दी गई है।
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बुधवार को एबीवीपी के पदाधिकारियों ने कुलपति से मिलकर विश्वविद्यालय के मूल्यांकन में धांधली के आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि इसमें लगे तीन कर्मचारी नंबरों में हेराफेरी कर रहे हैं। इस पर कुलपति ने एक नियमित और दो अस्थायी कर्मचारियों को बुलाकर पूछताछ करने के साथ ही उनके मोबाइल जब्त कर लिए थे। इस मामले में जांच के लिए बृहस्पतिवार को उन्होंने प्रो. एके जैतली की निगरानी में जांच कमेटी भी बना दी, जिसमें प्रो. आलोक श्रीवास्तव और परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह हैं। कुलपति ने बताया कि कोई भी व्यक्ति जांच कमेटी को इस मामले से संबंधित सबूत सौंप सकता है।

परीक्षा से हट सकते हैं आटसोर्सिंग कर्मचारी
विश्वविद्यालय में काफी कर्मचारी आउटसोर्सिंग पर लगाए गए हैं, जो परीक्षा समेत लगभग हर विभाग में काम करते हैं। मगर, मूल्यांकन में धांधली के आरोप लगने के बाद परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्य से अब इन्हें हटाने की तैयारी चल रही है। एक-दो दिन में विश्वविद्यालय इस पर निर्णय ले सकता है।
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केंद्र पर नकल की थी चर्चा, कापियों से पुष्टि नहीं
बीडीएस के एक परीक्षा केंद्र पर नकल की सेटिंग के लिए ऑडियो वायरल होने की चर्चा थी। कुलपति ने इस केंद्र पर हुई परीक्षा की कॉपियां भी चेक कीं, लेकिन कापियों में मिले अधिकतम नंबर के आधार पर इसकी पुष्टि नहीं हुई। उन्होंने इसकी जांच के लिए 120 कॉपियां क्रॉस चेक कीं।

मामले की जांच के लिए मैंने कमेटी गठित कर दी है। कोई भी जाकर स्वतंत्र रूप से सबूत सौंप सकता है। मैंने स्वयं भी उच्चतम नंबरों वाली काफी कॉपियां चेक की हैं। मगर, उन्हें देखकर सेटिंग की पुष्टि नहीं होती है। फिलहाल, जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
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- प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति
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