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स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहली बार तैयार होगी गर्ल्स क्रिकेट टीम

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बरेली। डोरी लाल अग्रवाल स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहली बार गर्ल्स क्रिकेट टीम भी चौके-छक्के लगाती नजर आएगी। इतना ही नहीं गर्ल्स टीम कॉलेजों और खेल विभाग की प्रतियोगिताओं में भी अपना जलवा दिखाएगी। गर्ल्स क्रिकेटरों को तराशने के लिए पहली बार स्टेडियम में पूरे साल कैंप लगाया जाएगा। स्टेडियम में पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। लड़कियां 110 रुपये सालाना फीस देकर कैंपस में प्रशिक्षण हासिल कर सकती हैं।
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अभी तक स्पोर्ट्स स्टेडियम में लड़कियों को क्रिकेट का प्रशिक्षण देने के लिए खास इंतजाम नहीं हैं। यही कारण है कि बरेली से महिला वर्ग में अच्छी खिलाड़ी नहीं निकल पातीं। प्रशिक्षित न होने की वजह से स्कूल कॉलेज और खेल विभाग की ओर से आयोजित जिला, मंडल, प्रदेश स्तरीय और राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिताओं में गर्ल्स टीम शामिल नहीं हो पाती। स्टेडियम प्रशासन ने गर्ल्स क्रिकेटरों को तराशने की पहल शुरू की है। आरएसओ विजय कुमार का कहना है कि स्टेडियम में बेहतर सुविधाएं हैं, लेकिन लड़कियां क्रिकेट सीखने नहीं आतीं। अब उनको क्रिकेट के मैदान तक लाया जाएगा। उनको खेल का अच्छा माहौल दिया जाएगा ताकि इस खेल सत्र में स्टेडियम में एक बेहतर गर्ल्स क्रिकेट टीम तैयार हो। बरेली से भी अच्छी खिलाड़ी निकलें। उन्होंने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक आठ लड़कियों ने पंजीकरण भी करा लिए हैं। उम्मीद है कि परीक्षाओं के बाद इनकी संख्या तेजी से बढ़ेगी।
बीसीसीआईसी लेवल ए के कोच से मिलेगा सीखने का मौका
स्टेडियम में लंबे समय से क्रिकेट का स्थायी कोच नहीं था। पिछले साल कानपुर ग्रीन पार्क स्टेडियम में कोचिंग देने वाले सुनील कुमार सिंह जो कि बीसीसीआई लेवल ए व एनआईएस प्रशिक्षक हैं उनके अंडर प्रशिक्षण लेने वाली पूनम यादव और दीप्ति शर्मा भारतीय महिला टीम का हिस्सा भी हैं, वह डिप्टी आरएसओ पद पर आएं हैं। उनका कहना है कि बरेली में टैलेंट की कमी नहीं, लड़कियों को अच्छा क्रिकेट का माहौल मिले तो बरेली से भी राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी निकल सकती हैं।
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इंटर कॉलेज की टीम के लिए नहीं मिल पा रही थीं खिलाड़ी
पिछले साल माध्यमिक कॉलेजों में महिला वर्ग की क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए बरेली में टीम बनना मुश्किल थी। खिलाड़ी नहीं मिल पा रहे थे। जैसे-तैसे जिला और मंडल की टीम बनीं। हालांकि पिछले साल ही अपने दम पर दो लड़कियों ने दूसरे प्रदेश की क्रिकेट टीम में जगह बनाई। अगर उनको यहीं खेलने का मौका मिलता तो बरेली से भी अच्छी टीम तैयार हो सकती थी।
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