बरेली। चुनाव के मौके का हर कोई फायदा उठाने की जुगत में लगा है। डायट और बेसिक शिक्षा के अधिकारियों ने भी आचार संहिता और शासन के निर्देशों को ताक पर रखकर पिछले सत्र के 52 लाख का बजट हजम करने की तैयारी कर ली। लर्निंग आउटकम की ट्रेनिंग के नाम पर कागजी घोड़े दौड़ाकर बजट ठिकाने लगता कि इससे पहले ही चुनाव में ड्यूटी लग जाने की वजह से कुछ शिक्षकों ने रायता फैला दिया। मामला बीएसए तनुजा त्रिपाठी के सामने पहुंचा तो उन्होंने प्रशिक्षण बंद करा दिया।
मार्च में शासन के निर्देश पर डायट की ओर से जिले के सभी ब्लॉक में शिक्षा गुणवत्ता सुधारने के लिए लर्निंग आउटकम ट्रेनिंग कराने के आदेश दिए। इसके तहत जिले भर में 5124 शिक्षकों को पांच दिन तक प्रशिक्षण दिया जाना था। हर शिक्षक की ट्रेनिंग पर प्रतिदिन 200 रुपये की दर से इस पूरे प्रशिक्षण पर 51 लाख रुपये से अधिक का बजट खर्च जारी हुआ था। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन होने के चलते आनन-फानन में ट्रेनिंग शुरू कराई गईं लेकिन बिथरी समेत कई विकासखंडों में यह ट्रेनिंग फिर भी नहीं हो सकी। इसी बीच वित्तीय वर्ष पूरा हो गया और नियमानुसार ट्रेनिंग का बाकी बजट वापस कर देना था। मगर डायट एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया।
बिथरी में नए सत्र में शुरू कराई ट्रेनिंग
विकासखंड बिथरी चैनपुर में तो बीईओ ने इस ट्रेनिंग के लिए एक से पांच अप्रैल तक की तिथि निर्धारित कर ट्रेनिंग भी शुरू करा दी। मगर शिक्षक नेता नरेश गंगवार, केसी पटेल आदि ने बीएसए तनुजा त्रिपाठी से शिकायत कर दी। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी बीईओ को पत्र लिखकर ट्रेनिंग स्थगित करने के आदेश जारी कर दिए।
शिक्षा व्यवस्था प्रभावित
ट्रेनिंग का लक्ष्य पूरा करने के चलते बीईओ ने एक-एक स्कूल से तीन-तीन शिक्षकों को प्रशिक्षण में जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही चुनावी ट्रेनिंग के आदेश आ गए और नया सत्र भी शुरू हो गया। एकसाथ दो ट्रेनिंग के चलते सोमवार को सत्र के पहले दिन पढ़ाई भी प्रभावित रही। ट्रेनिंग में भी रस्म ही अदा हुई क्योंकि काफी कम शिक्षक इसमें पहुंचे।
लर्निंग आउटकम की ट्रेनिंग 25 मार्च तक हर हाल में पूरी हो जानी चाहिए थी। मगर ऐसा नहीं हो सका। अब नया सत्र शुरू हो गया है, इसके चलते सभी बीईओ को ट्रेनिंग निरस्त करने का आदेश दिया गया है। - तनुजा त्रिपाठी, बीएसए