बरेली। नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार को खुश करने के चक्कर में अफसरों ने नगर निगम का खर्च भी बढ़ा दिया। नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. की जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद उन्होंने सोमवार को विधायक के पेट्रोलपंप से डीजल खरीदने पर रोक लगा दी। अब डीजल फिर से पुराने पेट्रोलपंप से ही खरीदा जाएगा।
नगर विधायक डा. अरुण कुमार ने 22 जनवरी को तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव को अपने पेट्रोलपंप से डीजल खरीदने का अनुरोध करते हुए पत्र भेजा था। इस पर निगम अफसरों ने आनन-फानन में कार्रवाई कर कार्य आदेश भी जारी कर दिया और विधायक के पेट्रोलपंप से डीजल खरीद शुरू हो गई। मगर यह मामला खुला तो पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के नजदीकी ठेकेदार मुनीश शर्मा और भाजपा के बागी पार्षद विपुल लाला ने राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर विधायक को बर्खास्त करने की मांग कर डाली। उन्होंने इसे नगर निगम अधिनियम की धारा 25(ई) के तहत अवैध करार दिया था। यह मामला समाचार पत्रों में प्रमुखता से छपा तो सोमवार को नगर आयुक्त ने संज्ञान लेते हुए इस मामले की फाइल तलब कर ली। उनकी जांच में सामने आया कि पहले निगम जहां से डीजल खरीद रहा था, वहां की अपेक्षा विधायक का पेट्रोलपंप दूर है। इससे नगर निगम पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था। इसके बाद उन्होंने विधायक के पंप से डीजल न खरीदकर पुराने पंप से ही डीजल लेने के आदेश जारी कर दिए।
‘विधायक का पेट्रोलपंप दूर होने के चलते नगर निगम पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ रहा था। अब नगर निगम पुराने पेट्रोलपंप से ही डीजल खरीदेगा।’
- सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त