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आंवला, पीलीभीत और शाहजहांपुर सीटों पर बढ़ा सस्पेंस

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बरेली। सपा-बसपा गठबंधन की वजह से भाजपा अपने प्रत्याशियों के चयन में इस बार फूंक-फूंककर कदम उठाने के मूड में है। बरेली मंडल की पांच में से आंवला, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं समेत चार सीटों पर प्रत्याशी तय करने के लिए भाजपा हाईकमान में गहन मंथन किया जा रहा है। हाईकमान की खामोशी से आंवला, पीलीभीत और शाहजहांपुर में पिछली बार जीते भाजपा सांसदों के दिल की धड़कनें लगातार तेज हो रही हैं। बदायूं जहां पिछली बार भाजपा की प्रचंड लहर के बावजूद सपा के धर्मेंद्र यादव चुनाव जीते थे, वहां भी भाजपा के टिकट के लिए जबर्दस्त खींचतान मची हुई है। पार्टी में चर्चा है कि हाईकमान इन चारों सीटों पर इस बार सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर टिकट तय करने के मूड में है, लिहाजा वक्त गुजरने के साथ इन सीटों पर सस्पेंस बढ़ता जा रहा है।
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पार्टी के सूत्र बताते हैं कि हाईकमान के पास मंडल के पांच में से तीन सांसदों की काफी खराब रिपोर्ट पहुंची है। हालांकि चौथे सांसद की रिपोर्ट भी बहुत अच्छी नहीं है, लेकिन बाकी तीन सांसदों की तुलना में उसे संतोषजनक माना गया है। पार्टी के विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि शाहजहांपुर में बसपा के टिकट पर पिछला लोकसभा चुनाव लड़े उम्मेद सिंह को भाजपा ज्वाइन कराने की कोशिश की जा रही है। उम्मेद सिंह फूलन देवी के पति हैं। माना जा रहा है कि अगर उम्मेद सिंह की ज्वाइनिंग होती है तो शाहजहांपुर से निवर्तमान सांसद कृष्णा राज का टिकट कटना तय है। विकल्प के तौर पर उन्हें कोई और सीट जरूर दी जा सकती है।
उम्मेद सिंह की ज्वाइनिंग से ही आंवला में भी भाजपा का प्रत्याशी तय होगा। ऐसी स्थिति में बरेली में पिछड़े और शाहजहांपुर में दलित वर्ग प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। बदायूं में भाजपा यादव नेता पर दांव लगाने पर विचार कर रही है, लेकिन यहां मुश्किल यह है कि बदायूं के जिलाध्यक्ष समेत पार्टी के सभी विधायक यादव नेता को चुनाव लड़ाने का विरोध कर रहे हैं। पिछली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े सवर्ण बिरादरी के नेता भी यादव नेता को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।
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पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगर भाजपा बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं में से किन्हीं दो सीटों पर पिछड़ा वर्ग और एक सीट पर अनुसूचित जाति के प्रत्याशी को चुनाव लड़ाती है तो मंडल की एक सीट पर सवर्ण प्रत्याशी को भी चुनाव लड़ाया जाएगा। इसके लिए आंवला की सीट का विकल्प पार्टी लेकर चल रही है। आंवला में सवर्ण बिरादरी की महिला प्रत्याशी पर भी भाजपा दांव लगा सकती है क्योंकि यहां नाराज कश्यप बिरादरी को बैलेंस करने के लिए शाहजहांपुर से उस बिरादरी के प्रत्याशी यानी उम्मेद सिंह को टिकट दिए जाने पर विचार हो रहा है।

पीलीभीत में भी घमासान
पीलीभीत में इस बार चार विधायकों ने मेनका गांधी को बाहरी प्रत्याशी बताते हुए उनके खिलाफ विरोध की मुहिम चला रखी है। हालांकि यह विधायक ऊपरी तौर पर कह रहे हैं कि हाईकमान जिसे भी टिकट देगा, वे उसे चुनाव लड़ाएंगे। मगर चारों विधायक लगातार मेनका गांधी समेत किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रत्याशी बनाने का विरोध भी कर रहे हैं। यहां की सांसद मेनका गांधी को हरियाणा के करनाल या पंजाब की किसी और सीट से चुनाव लड़ाने की चर्चा पूरे उफान पर है।
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