बरेली। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल के कार्यालय स्टाफ पर एक बार फिर बदसलूकी का आरोप लगा है। इस बार यह शिकायत किसी आम आदमी की नहीं बल्कि पार्टी से ही जुड़े नगर निगम में उपनेता छंगामल मौर्य की ओर से सामने आई है। मौर्य ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बजाय फेसबुक पर अपना दर्द बयां करते हुए वित्त मंत्री के कार्यालय प्रभारी अरुण नारायण पांडेय पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। यह भी कहा है कि पांडेय ने उनके साथ पांचवीं बार ऐसी बदसलूकी की है। उधर, अरुण पांडेय का कहना है कि मौर्य उन पर अनुचित दबाव बना रहे थे।
मामला चार-पांच दिन पुराना है। छंगामल मौर्य का कहना है कि उनकी भांजी का पति गौरव आधार कार्ड में जन्मतिथि ठीक कराने के लिए वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल के कार्यालय पर अनुशंसा कराने गया था। वहां उसने अरुण पांडेय से अपनी बात कही तो उन्होंने उसे अपने पिता से पांच साल बड़े पांच लोगों के शपथपत्र लाने को कहा। गौरव ने उन्हें बताया तो उन्होंने फोन पर अरुण पांडेय से बात की। बकौल छंगामल मौर्य, काफी देर टालमटोल के बाद अरुण पांडेय ने फोन पर बात की, फिर बोले- छंगामल सबकुछ ऐसे थोड़े ही हो जाता है। उन्होंने कहा कि वह तो ऐसे ही कर देते हैं तो बोले- अब आपकी चल कहां रही है। उन्होंने विरोध किया तो कहने लगे कि जिससे कह मिले कह देना। मंत्री जी से शिकायत कर देना। उन्होंने वित्तमंत्री को फोन किया तो उनका फोन उठा ही नहीं। इसके बाद उन्होंने अपनी पीड़ा फेसबुक पर बयां की, क्योंकि अरुण पांडेय ने उनसे पांचवीं बार अभद्रता की है। बता दें कि इससे पहले एक अनाथ लड़की ने भी वित्त मंत्री के कार्यालय स्टाफ पर बदसलूकी का आरोप लगाया था।
वित्तमंत्री के कार्यालय प्रभारी अरुण नारायण पांडेय ने बहुत गलत तरीके से मुझसे बात की। ऐसा पांच बार हो चुका है। मैंने वित्तमंत्री को फोन किया लेकिन उनका भी फोन नहीं उठा तो फेसबुक पर अपना दर्द बयां कर दिया। - छंगामल मौर्य, उपनेता नगर निगम
फेसबुक पर किसी को लिखने से तो नहीं रोक सकते। छंगामल मौर्य आधार कार्ड में जन्मतिथि बिना दस्तावेज ठीक करने को दबाव बना रहे थे लेकिन मैंने कोई जवाब नहीं दिया। कागज हों तो यहां किसी का काम नहीं रुकता। - अरुण नारायण पांडेय, कार्यालय प्रभारी, वित्तमंत्री