बरेली। बरेली कॉलेज मैनेजमेंट पर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के साथ प्रशासन के भी अफसरों की निगाहें हाईकोर्ट के रुख पर टिकीं हैं। हालांकि विश्वविद्यालय और प्रशासन की तरफ से कोई भी रिपोर्ट या दस्तावेज कोर्ट में दाखिल नहीं किए गए हैं।
विश्वविद्यालय ने बरेली कॉलेज मैनेजमेंट को अवैध मानते हुए भंग कर दिया था। इसके बाद कमिश्नर ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को बरेली कॉलेज में अंतरिम सचिव बना दिया था। मैनेजमेंट ने कोर्ट का रुख दिया और फैसले पर स्टे करा लिया। गुरुवार को पहली सुनवाई है। उधर, इसी बीच बीच अस्थायी कर्मचारियों ने विरोध का स्वर तेज कर दिया है। अस्थायी कर्मचारियों ने मैनेजमेंट को हटाने की मांग की है। कर्मचारियों ने कहा कि वह परीक्षा में सहयोग नहीं करेंगे। प्रशासन अवैध तरीके से चल रहे मैनेजमेंट को हटाए।