बरेली। प्रदूषण फैला रहे दस से पंद्रह वर्ष पुराने करीब 50 हजार वाहनों का रजिसट्रेशन निलंबित कर दिया गया है। एआरटीओ ने बताया कि एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार केंद्रीय मोटरयान नियमावली 1989 के नियम 52 के तहत ऐसे वाहनों को बैन कर दिया गया है। ये वाहन अगर सड़क पर दिखे तो इन्हें सीज कर दिया जाएगा।
एआरटीओ प्रशासन आरपी सिंह ने जारी आदेश में कहा है कि जिन वाहनों (दो पहिया, चार पहिया या गैर परिवहन यान) का रजिस्ट्रेशन 1989 के बाद हुआ है और जो 15 अगस्त 2018 तक 15 वर्ष पूरे कर चुके हैं, उन सभी वाहनों का सामूहिक रूप से रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया गया है। क्योंकि ऐसे वाहनों की आयु पूरी हो चुकी है और अब उनके संचालन से वायु और ध्वनि प्रदूषण फैल रहा है। बताया कि ऐसे वाहन स्वामियों को पिछले वर्ष 17 से 13 सितंबर तक सार्वजनिक विज्ञापन जारी कर वाहनों के रजिस्ट्रेशन को नवीनीकरण कराने के लिए सूचित किया गया था। जिसके बाद करीब 8 हजार वाहन स्वामियों ने नवीनीकरण कराया, लेकिन करीब 50 हजार वाहनों का नवीनीकरण नहीं हुआ है। करीब छह माह का अल्टीमेटम देने के बाद भी नहीं सुधरने वाले वाहन चालकों की धरपकड़ कर नियमानुसार कार्रवाई होगी। हालांकि, एआरटीओ ने दो माह के भीतर ऐसे वाहन स्वामियों को वाहन का रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण का आखिरी मौका दिया है। शर्त है कि इस दौरान वाहन सड़कों पर दिखाई न दें।
‘नियमानुसार छह माह का दिया वक्त पूरा हो चुका है, अब ऐसे सभी वाहनों का रजिस्ट्रेशन सामूहिक रूप से निलंबित कर दिया गया है। वाहन जांच में पकड़े गए तो उन्हें सीज कर दिया जाएगा।’
- आरपी सिंह, एआरटीओ