बरेली। बड़ा बाईपास मुआवजा को लेकर संघर्ष कर रहे किसान और एनएचएआई के बीच प्रशासन ने मध्यस्थता करते हुए कलेक्ट्रेट में समझौता बैठक कराई। एनएचएआई अफसरों ने एक बार फिर दोहराया कि कोर्ट के फैसले के बगैर वो सर्किल रेट से ज्यादा भुगतान नहीं कर सकते। डेढ़ घंटा चली बैठक में अफसरों के आश्वासन के बाद तय हुआ कि किसान रोड जाम नहीं करेंगे, लेकिन उनका धरना खत्म होने वाला नहीं।
बड़ा बाईपास के लिए एनएचएआई को जमीन देने वाले करीब छह सौ किसान वर्ष 2013-14 से मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे हैं। जिस सर्किल रेट पर मुआवजा दिया जा रहा है, उस पर पेमेंट लेने के लिए किसान राजी नहीं है। इन दिनों ये कुम्हरा गांव में हाईवे जाम कर आंदोलन कर रहे हैं। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह के आदेश पर एनएचएआई मुरादाबाद के परियोजना अधिकारी बीके बंसल और अखिल भारतीय किसान महासभा के हरिनंदन सिंह के नेतृत्व में किसानों के बीच कलेक्ट्रेट में मीटिंग हुई। इसमें मध्यस्थता करते हुए एडीएम सिटी ओपी वर्मा और एसएलएओ सुल्तान अशरफ सिद्दीकी ने बातचीत की। एनएचएआई के अधिकारियों ने एक बार फिर इस बात को दोहराया कि वे मंत्रालय या कोर्ट के फैसले के बगैर सर्किल रेट से ज्यादा मुआवजे का भुगतान नहीं कर सकते। यह बात सुनते ही किसान नाराज होने लगे। हरिनंदन सिंह ने पूछा कि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने इस मामले को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री को पत्र लिखा था। इस पर अब कोई जवाब मंत्रालय से वापस नहीं आया है। एनएचएआई के अफसरों ने इस संबंध में फिर से पत्राचार करने और किसानों के आंदोलन को मंत्रालय तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। करीब डेढ़ घंटे तक चल इस वार्ता में किसानों ने यह तय किया है कि वे रोड जाम नहीं करेंगे लेकिन उनका धरना खत्म होने वाला नहीं है। एडीएम सिटी ओपी वर्मा ने बताया कि किसानों और एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक कराई गई है। कोशिश की जा रही है कि यह मसला जल्द हल हो जाए। फिलहाल किसानों ने लखनऊ-दिल्ली हाईवे को जाम न करने का आश्वासन दिया है।
अफसरों पर लगाया दबाव बनाने का आरोप, मीटिंग छोड़कर बाहर आए
एडीएम सिटी के दफ्तर में किसान और एनएचएआई के अधिकारियों के बीच मीटिंग हुई। इस बीच, कुछ किसान इस बात से भड़क गए कि प्रशासन के अफसर उन पर मुआवजा लेने का दबाव बना रहे हैं। माहौल बिगड़ने पर कुछ किसान बैठक के बीच में ही एडीएम सिटी के कार्यालय के बाहर आ गए। किसानों ने एनएचएआई के अफसरों को कोसते हुए कहा कि पहले उनकी जमीन हड़पी गईं और उन्हें इधर-उधर टहलाया जा रहा है।