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डायरेक्टर को देख मरीज बोले - ओपीडी में समय पर नहीं मिलते डॉक्टर

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बरेली। नेशनल हेल्थ मिशन के डायरेक्टर ईयू सिद्दीकी के जिला अस्पताल निरीक्षण में मरीजों ने ओपीडी में डॉक्टरों के देरी से बैठने की शिकायत की। डायरेक्टर ने नाराजगी जताते हुए सीएमएस को ओपीडी में डॉक्टरों की मौजूदगी की मॉनीटरिंग करने को कहा। इमरजेंसी में ईएमओ को यूनीफार्म में ही बैठने और मेडिकोलीगल में स्पष्ट लिखावट के निर्देश दिए। ऑपरेशन थिएटर के कोनों में गुटखे की पीक देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। सर्जिकल वार्ड और टीबी वार्ड की भी निरीक्षण किया। जिला अस्पताल में जल्द शुरू होने वाले डीएनबी कोर्स और डायलिसिस यूनिट की जानकारी भी तलब की। सीएमएस ने बताया कि 26 जनवरी तक डायलिसिस यूनिट की शुरुआत हो जाएगी। डायलिसिस लैब के जनरेटर के लिए प्रशासन से एक करोड़ रुपये का फंड मिला है। जिला अस्पताल में मूक बधिर मरीजों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध न होने पर असंतोष जताया, जबकि यहां मूक बधिर कक्ष भी बना हुआ है। मगर दिव्यांगों के लिए एक भी विशेषज्ञ नियुक्त नहीं किया गया है। जिला महिला अस्पताल में सभी वार्डों और ओपीडी का निरीक्षण करने के बाद सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की बात कही। एक से ज्यादा निकास होने के कारण मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठाया। डायरेक्टर ने जिला अस्पताल के चल रहे टीबी के एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान का फील्ड यूनिट के साथ निरीक्षण किया। टीम को टीबी मरीजों की संतोषजनक सहायता करने को लेकर जानकारी दी।
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सिलिंडर नहीं खुला तो नाराज हुए डायरेक्टर
डेंटल विभाग में कर्मचारियों द्वारा आक्सीजन का सिलिंडर नहीं खोल पाने और जरूरी इंजेक्शन नहीं दिखने पर नाराज हुए। लॉग बुक व्यवस्थित करने को कहा। कुपोषण पुनर्वास केंद्र की रसोई में इंजेक्शन रखे देखकर नाराज हुए। सड़क पार मरीजों को ले जाने में आने वाली दिक्कत को देखते हुए ओवरब्रिज का सुझाव दिया। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला, डीटीओ डॉ. सुधीर गर्ग, एडीएसआईसी डॉ. केएस गुप्ता समेत अधिकारी मौजूद रहे।
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