उर्स-ए-शराफती में जायरीन की रेलमपेल के दौरान धक्का लगने से गिरे एक बुजुर्ग भीड़ के पैरों तले आ गए। बेहोशी की हालत में उन्हें फौरन ही पास के अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। दरगाह के पास ही हुई इस घटना के बाद कुछ देर के लिए अफरातफरी फैल गई। दरगाह के जिम्मेदारान ने इस घटना पर गहरा अफसोस जताया है। बुजुर्ग जायरीन के इसाले सवाब के लिए दरगाह पर दुआ भी की गई।
शाहबाद में खानकाह आलिया शराफतिया पर चल रहे हजरत शाह मौलाना शराफत अली मियां के उर्स में तीसरे दिन सोमवार को जायरीन की भारी भीड़ पहुंची थी। दोपहर करीब डेढ़ बजे जिस वक्त शहर और आसपास के इलाकों से दरगाह पहुंच रहे चादरों के जुलूसों का रेला बना हुआ था, उसी वक्त पूरनपुर से चादरों के जुलूस के साथ आए गांव गोदा के 75 वर्षीय वसी उल्ला अचानक भीड़ का धक्का लगने से सड़क पर गिर पड़े। वह उठने की कोशिश करते या आसपास के लोग कुछ समझ पाते, भीड़ के रेले में कई लोग उनके ऊपर से गुजर गए। जैसे-तैसे जुलूस को रोककर उन्हें उठाया गया। दरगाह के वालंटियर कुछ लोगों के साथ वसी उल्ला को पास ही एक अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उर्स के मौके पर इस अफसोसनाक घटना के बाद कुछ वक्त के लिए दरगाह पर भी सन्नाटा छा गया। बुजुर्ग वसी उल्ला के साथ उनके परिवार के लोग भी आए थे। उनके बेटे खलील उल्ला और बाबू खां ने बताया कि वसी उल्ला हृदय रोगी भी थे। उनका इलाज चल रहा था। दरगाह की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था कर उनके शव को परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। दरगाह के जिम्मेदारान शाह गाजी मियां, अल्हाज मुमताज मियां और अल्हाज मुंतखब मियां ने गहरे रंजोगम और उनके परिजनों के प्रति हमदर्दी का इजहार किया है।