सुहागिनों का महापर्व करवाचौथ अबकी कई शुभ संयोगों के साथ होगा। मनोवांछित फल देने वाले दो शुभ संयोगों को ज्योतिषाचार्य महिलाओं के लिए बेहद शुभ मान रहे हैं। उनके मुताबिक 27 साल बाद बन रहा सर्वार्थ सिद्धि और अमृत योग सुहागिनों को शुभाषीश देगा। वहीं, चतुर्थी तिथि में हो रहा चंद्रोदय का पूजन भी दीर्घायु और निरोगी काया का आशीर्वाद प्रदान करेगा। इसके बाद यह संयोग 16 साल बाद बनेगा।
ज्योतिषाचार्य पं. मुकेश मिश्र ने बताया कि करवा चौथ का व्रत कार्तिक के पावन माह में संकष्टी के दिन किया जाता है। सुहागिनें इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में सरगी खाकर व्रत आरंभ करती हैं। इसके बाद पूरे दिन निर्जल व्रत होता है। रात में चंद्र दर्शन और अर्घ्य देकर व्रत का परायण किया जाता है।
सौभाग्य की कामना पूरी करने वाले करवाचौथ व्रत में इस बार दो बेहद शुभ संयोग बन रहे हैं। पहला सिद्धियों को देने वाला सर्वार्थ सिद्धि योग और दूसरा अमृत सिद्धि योग है। इन योगों के अलावा चंद्रमा, शुक्र की राशि वृष में होंगे और चंद्रमा पर गुरु की दृष्टि होगी। शुक्र राशि में चंद्रमा के होने से प्रेम संबंध प्रगाढ़ होंगे।
वृष राशि वालों को मिलेगा विशेष लाभ
वृष राशि की महिलाओं के लिए यह व्रत बेहद शुभ फलदायी होगा। जिन कुंवारी कन्याओं के विवाह की बात चल रही है वह भी करवाचौथ का व्रत रख सकती हैं, इससे विवाह का योग प्रबल होगा। वृष के अलावा मिथुन, कन्या, तुला, वृश्चिक राशि वालों के लिए भी संयोग शुभ फलदायी रहेगा।
चतुर्थी में होगा चंद्रोदय
27 तारीख शनिवार को पूरे दिन तृतीया तिथि रहेगी। शाम 6:37 से चतुर्थी तिथि लग जाएगी। 7:46 बजे चंद्रोदय होगा। हिंदू धर्म की परंपराओं में ज्यादातर त्योहार सूर्योदय के समय व्याप्त तिथि में मनाए जाते हैं लेकिन करवाचौथ चतुर्थी तिथि चंद्रोदय के समय मनाने का रिवाज है।
मुहूर्त
पूजन - शाम 5:36 बजे से 6:53 बजे तक।
चंद्रोदय काल - शाम 7:46 बजे।