प्रदेश की बाढ़ नियंत्रण एवं महिला कल्याण राज्यमंत्री स्वाति सिंह ने शुक्रवार को शारदा नदी की कटान की जद में आए रेहरिया गांव की स्थिति का जायजा लिया। वह भैंसागाड़ी और स्टीमर के जरिये गांव पहुंचीं और ग्रामीणों को धैर्य बंधाया।
उन्होंने सिंचाई विभाग के अभियंताओं को बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बाद में उन्होंने कलेक्ट्रेट गेट स्थित लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ की हालत पर विचार विमर्श किया।
स्वाति सिंह सदर विधायक योगेश वर्मा और एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह के साथ ग्राम रेहरिया कलां के कटान का निरीक्षण करने पहुंचीं। यह गांव चौका नदी और शारदा नदी के बीच स्थिति होने के कारण उन्होंने स्टीमर से करीब दो किलोमीटर की दूरी तय कर चौका नदी पार की फिर नदी के किनारे से डनलप भैंसा गाड़ी पर बैठकर रेहरियाकलां गांव के पास शारदा नदी के कटान का निरीक्षण किया। वहां पहुंचकर प्रधान के दरवाजे पर चौपाल लगाई और ग्रामवासियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं के हल का प्रयास होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याएं सुलझाने का निर्देश दिया।
बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री ने बताया कि सिंचाई विभाग ने इस ग्राम में बाढ़ राहत कार्य करने के लिए सामग्री ईसी बैग, नायलॉन क्रेट, जीयोट्यूब और बांस आदि की व्यवस्था कर दी गई है। बाढ़ सुरक्षा का कार्य शनिवार सुबह से शुरू कर दिया जाएगा। इसके निर्देश मौके पर मौजूद अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड बीके सिंह को दिए। उन्होंने कहा कि इस गांव में संपर्क के साधन और कनेक्टिविटी की कमी है क्योंकि यह गांव दो नदियों के बीच में बसा हुआ है। राज्यमंत्री के निर्देश पर शुक्रवार शाम को ही बचाव कार्य शुरू हो गए। इस मौके पर एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह, तहसीलदार सदर पूरन सिंह राना, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड बीके सिंह मौजूद रहे।