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बरेली कॉलेज विवाद अगले भुगतान के साथ पिछले भी रुकवाए

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बरेली। बरेली कॉलेज की जिम्मेदारी मिलने के बाद क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी (आरएचईओ) ने अग्रिम आदेशों तक सभी भुगतान के साथ एक दो दिन पूर्व में काटे गए चेक के भुगतान पर भी रोक लगा दी है। आरएचईओ ने इस बाबत प्राचार्य के आदेश जारी कर सोमवार को होने वाले चेक के भुगतान रुकवाने को कहा है। वहीं प्राचार्य अवकाश पर चले गए। उनको कोई लेटर नहीं मिला है। ऐसे में भुगतान कौन रुकवाएगा। आरएचईओ का कहना है कि अगर भुगतान होते हैं तो उसका जिम्मेदार प्राचार्य को माना जाएगा। रिकवरी कराई जाएगी।
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कंट्रोलर बैठाने की भनक लगते ही मैनेजमेंट में खलबली मच गई है। लंबित भुगतान निपटाने के लिए झटपट करीब 60 लाख से ज्यादा के चेक काटे गए। रविवार को अवकाश होने के कारण वो क्लियर नहीं हुए, लेकिन सोमवार को भुगतान हो सकता है। प्राचार्य को कहा गया है कि इन चेक के भुगतान रुकवाए जाएं। अगर भुगतान होता है तो इसका जिम्मेदार प्राचार्य को माना जाएगा। अब प्राचार्य अवकाश पर हैं तो ऐसे में अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि सोमवार को भुगतान हो सकते हैं। आरएचईओ का कहना है कि शिक्षकों के वेतन कॉलेज संचालन के लिए जरूरी चीजों के भुगतान होंगे। बाकी भुगतान नहीं होंगे। 30 जनवरी को होने वाली बैठक में कॉलेज संचालन के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

हमें कोई पत्र नहीं मिला: देव मूर्ति
प्रबंध समिति के सचिव रहे देव मूर्ति का कहना है कि अभी तक जो भी कार्रवाई हुई है उसका कोई लेटर उनको नहीं मिला। उनका कहना है कि लेटर मिलने के बाद ही आगे की रणनीति तय करेंगे। जब कोई लेटर नहीं मिला तो पहले वाली मैनेजमेंट कमेटी है चुनाव होने तक।
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कोर्ट जाने में सदस्यों में पैदा हुए मतभेद
वैसे मैनेजमेंट कमेटी के लोगों ने कोर्ट जाने का मन बना लिया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो इसमें कुछ सदस्य तैयार नहीं। इसलिए अब तक कोर्ट जाने को लेकर एक राय नहीं हो सकी है। हालांकि यह तय है कि लेटर मिलने के बाद बोर्ड के सदस्य कोर्ट का रुख करेंगे। वहीं विश्वविद्यालय ने लेटर सीधे कमिश्नर को भेजा ताकि मैनेजमेंट के लोगों के पास कोर्ट जाने का आधार न मिले।

प्राचार्य फिर गए अवकाश पर
बरेली कॉलेज में जब-जब कोई मामला होता है तो प्राचार्य अवकाश पर चले जाते हैं। भ्रष्टाचार मामले की जब जांच चल रही थी तब भी प्राचार्य अवकाश पर चले गए थे। अब मैनेजमेंट विवाद हुआ तब भी वह अवकाश पर हैं। सूत्रों की मानें तो प्राचार्य कह गए कि वह अवकाश पर हैं। इसलिए उनको किसी लेटर से मतलब नहीं। हालांकि इस संबंध में प्राचार्य से बात करनी चाही तो उनको मोबाइल बंद जा रहा था।

अग्रिम आदेशों तक भुगतानों पर रोक लगाई र्गई है। प्राचार्य को इस बाबत पत्र भेज चुके हैं। अगर इस दौरान कोई भुगतान होता है तो उसका जिम्मेदार प्राचार्य होंगे। 30 जनवरी को होने वाली बैठक में सभी मुद्दे रखे जाएंगे और उसका हल भी निकाला जाएगा।
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-डॉ. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी
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