रेलवे ने स्टेशनों पर अब जैसी आमदनी, वैसी यात्री सुविधाएं देने का फार्मूला तय किया है। इसी आधार पर स्टेशनों की श्रेणियां भी तय कर दी हैं। 75 करोड़ रुपये सालाना आमदनी वाले बरेली जंक्शन को अब नॉन सुपर थ्री कैडर में रखा गया है। इससे साफ है कि अब यहां यात्रियों को कम सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि जंक्शन पर डायरेक्टर के लिए अलग से चेंबर बनाया जाएगा, ताकि वह यात्रियों की समस्याएं सुनकर उनका निराकरण करा सकें।
मुरादाबाद मंडल का बरेली जंक्शन पहले ‘ए-वन’ श्रेणी में शामिल था। इसीलिए रेलवे बोर्ड ने यहां लिफ्ट, एस्केलेटर, कैफेटेरिया की सुविधाएं देने का फैसला किया था। जंक्शन पर यात्रियों को दो वेटिंग हाल, एसी वेटिंग रूम समेत काफी सुविधाएं मिल रही हैं। इसके बावजूद जंक्शन की आमदनी लगातार घट रही है। वर्तमान में जंक्शन पर साधारण और रिजर्व टिकट से करीब 75 करोड़ रुपये सालाना की आमदनी है। अब रेलवे बोर्ड ने हर स्टेशन की कैटेगिरी आमदनी के हिसाब से तय कर दी है। 20 से 100 करोड़ रुपये सालाना आमदनी वाले स्टेशनों को नॉन सुपर ग्रेड थ्री में शामिल किया गया है। ग्रेड थ्री में शामिल होने से जंक्शन पर यात्री सुविधाओं में कटौती होने की बात कही जा रही है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि अब कैफेटेरिया का निर्माण रोक दिया जाएगा।