कमठैना तालाब किनारे पीली मिट्टी खोदने गईं दो लड़कियों की ढांग ढहने से मौत हो गई। गांव वालों को हादसे की जानकारी करीब 20 मिनट बाद तब हुई, जब एक युवक ने मिट्टी में दबे पैरों को देखकर शोर मचाया। गांववालों ने मिट्टी हटाकर दोनों लड़कियों को बाहर निकाला और उन्हें सीएचसी बहेड़ी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एसडीएम ने पीड़ित परिवारों को शासन से आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
फैजगंज गांव के रामकिशोर की आठ वर्षीय बेटी ज्योति मंगलवार सुबह करीब 10 बजे घर की लिपाई के लिए पीली मिट्टी खोदने गई थी। एक किमी दूर गांव रतनगढ़ पहुंचने पर उसे लालमन की 18 वर्षीय बेटी सीमा मिल गई। दोनों कमठैना गांव के तालाब किनारे पीली मिट्टी खोदने पहुंची। मिट्टी खोदते हुए दोनों खोह में आगे बढ़ गईं तभी ऊपर से मिट्टी की ढांग ढह गई, जिसमें दोनों दब गईं। करीब 20 मिनट बाद गांव का ही एक युवक उधर से गुजरा तो मिट्टी में दबे पैर देखकर शोर मचाया। घरवालों के पोस्टमार्टम कराने से इंकार करने पर पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। एसडीएम एमपी सिंह और तहसीलदार बृजपाल सिंह ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। चार दिन पहले भी शाही में एक महिला समेत दो लोगों की पीली मिट्टी खोदने के दौरान ढांग ढहने से मौत हुई थी।
ढांग ढहने से दो लड़कियों की मौत हुई है। ग्रामीणों को मिट्टी खोदते वक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। चार दिनों में यह दूसरा हादसा हो गया है। परिवारों के पोस्टमार्टम कराने से मना करने पर शव उन्हें सौंप दिए गए। - सतीश कुमार, एसपी देहात