बरेली।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आसिफा राना ने एक पीड़िता के आवेदन को स्वीकार करते हुए दो लोगों के खिलाफ बलात्कार आदि के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का थानाध्यक्ष मीरगंज को आदेश दिया है।
पीड़िता ने अपने अधिवक्ता मो. इश्त्याक के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया गया जिसमें कहा गया कि ग्राम सुजातपुर के आसिम हुसैन व बाबू ने गत आठ मई को रात्रि दस बजे घर में घुसकर 30 हजार रुपये की रंगदारी न देने पर तमंचा की नोंक पर दोनों ने बलात्कार किया और थाने पर शिकायत करने पर घर के बच्चों को अगवा कर ले जाने की धमकी दी। थाना में रिपोर्ट न लिखे जाने पर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। एसीजेएम ने अभियोग पंजीकृत कर विवेचना कराये जानेे का पर्याप्त आधार मानते हुए आदेश पारित किया।
पत्नी होने का तर्क गया बेकार जमानत अर्जी नामंजूर
बरेली। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अरुण कुमार पाठक ने नाबालिग के पत्नी होने के तर्क को बलहीन मानते हुए जिला ऊधमसिंह नगर के थाना खटीमा के मझौला निवासी लालता प्रसाद की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।
एडीजीसी फौजदारी जहां आरा के अनुसार वादी ने लालता प्रसाद पर नाबालिग लड़की को बहला फुसला कर ले जाने आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करायी। पीड़िता ने दरोगा व मजिस्ट्रेट को दिए बयान मंदिर में लालता प्रसाद से शादी करने का कथन किया जबकि लालताप्रसाद ने पीड़िता को स्वयं की पत्नी बताया। स्कूली प्रमाण पत्र के अनुसार उसके नाबालिग पाये जाने पर न्यायाधीश ने उसकी सहमति को महत्वहीन माना।