बरेली। सड़कों और पुलों के लिए 1500 करोड़ रुपये नहीं मिले तो एक बार फिर लोगों की उम्मीदें अधूरी रह जाएंगी। बीते साल 1725 करोड़ की कार्ययोजना में सिर्फ 225 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। यहां से भारी-भरकम बजट की मांग की जाती है, पर शासन की ओर से जो धनराशि आवंटित होती है, वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित होती है। इसलिए जिले में यातायात को रफ्तार नहीं मिल पा रही है।
सड़कों और पुलों के लिए लोक निर्माण विभाग अब तक 1500 करोड़ रुपये की लागत से कार्ययोजना तैयार कर चुका है। कार्ययोजना में पुल और सड़क के 980 ऐसे कार्य शामिल हैं, जिनके लिए जनप्रतिनिधियों ने संस्तुति की है। लोक निर्माण विभाग ने एस्टीमेट तैयार किए हैं। कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें अनुमानित लागत में थोड़ा-बहुत अंतर पड़ सकता है। बीते साल 1725 करोड़ की कार्ययोजना में सिर्फ करीब 225 करोड़ ही आवंटित हुए। मार्च के अंत तक मंजूरी आईं तो करीब 100 करोड़ का बजट सरेंडर करना पड़ा। अब इस बजट की दोबारा से डिमांड की जा रही है वहीं वे काम नई कार्ययोजना में एक बार फिर शामिल किए गए हैं, जो पिछले वित्तीय वर्ष में किसी वजह से स्वीकृति की राह में अटक गए थे। कार्ययोजना को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अंंतिम रूप दिया जाएगा। पीडब्ल्यूडी का मुख्यालय इसी आधार पर स्वीकृतियां जारी करेगा। स्वीकृतियों पर सालभर कार्य होंगे। ब्यूरो