बरेली। बरेली कॉलेज में पिछले साल सितंबर में आयोजित भौतिक विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा में एक ही बैच के 15 परीक्षार्थियों के फेल होने के मामले में चल रही जांच अब पूरी हो गई है। बुधवार को जांच टीम की गोपनीय रिपोर्ट प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन को भेज दी है। हालांकि, जांच में क्या रहा, कॉलेज प्रशासन और जांच अधिकारी कुछ बताने से कतरा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक बरेली कॉलेज के भौतिक विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा 14 सितंबर 2022 को हुई थी। परीक्षार्थियों का दावा था कि उन्होंने बेहतर परीक्षा दी, मगर जब परिणाम जारी हुए तो उन्हें महज एक, दो या पांच अंक मिले। प्रैक्टिकल में फेल होने से उनका साल बर्बाद हो रहा है। प्रकरण पर छात्र संगठनों की ओर से भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई थी। उन्होंने परीक्षक द्वारा जबरन फेल करने का आरोप लगाया था। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बरेली कॉलेज के प्राचार्य को मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने कॉलेज के विज्ञान और गणित विभाग के विभागाध्यक्षों की टीम बनाकर रिपोर्ट देने को कहा। परीक्षार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं को दोबारा जांचा गया। बुधवार को जांच टीम ने रिपोर्ट प्राचार्य को सौंप दी थी। उन्होंने संबंधित रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को भेज दी।
मामला अतिगोपनीय है, जानकारी नहीं दे सकते
प्राचार्य प्रो. ओपी राय के मुताबिक सील बंद रिपोर्ट सीधे विश्वविद्यालय प्रशासन को भेज दी है। जांच में क्या रहा, यह जांच अधिकारी ही बता सकते हैं। जांच अधिकारी बॉटनी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं चीफ प्रॉक्टर प्रो. आलोक खरे के मुताबिक भौतिक विज्ञान से जुड़ा मामला था, संबंधित विभागाध्यक्ष ही जानकारी दे सकते हैं। भौतिक विभाग के प्रो. वीपी सिंह के मुताबिक जांच रिपोर्ट अतिगोपनीय है। लिहाजा, इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।
आंतरिक परीक्षा में कम अंक पर भड़की थीं छात्राएं
साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय की स्नातक की छात्राओं ने बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में कम अंक मिलने पर नाराजगी जताते हुए विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया था। आरोप था कि विश्वविद्यालय की गलती से किसी को दो, किसी को नौ अंक मिले। परीक्षा नियंत्रक ने आंतरिक परीक्षा के अंक कॉलेज से मिलने की बात कही तो इस पर छात्राओं ने प्राचार्य को ही विश्वविद्यालय बुलाकर परीक्षक पर कार्रवाई की मांग की थी। सुधार के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।