बरेली। शहर में मदरसा एवं मुस्लिम संगठनों ने भी जगह-जगह यौमे आजादी का जश्न मनाकर एक दूसरे को मुबारकबाद देते हुए मिठाइयां बांटीं। साथ ही आजादी के इतिहास पर तकरीरें भी की गईं।
स्वतंत्रता दिवस पर दरगाह आला हजरत स्थित मदरसा मंजरे इस्लाम में आजादी का जश्न मनाया गया। सुबह राष्ट्रीय ध्वज फैहराने के साथ ही राष्ट्रगान हुआ। इसके बाद उलमा और मदरसा शिक्षकों ने आजादी में हिस्सा लेने वाले और कुर्बानी देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान पर रोशनी डाली। इसमें प्रधानाचार्य मुफ्ती मोहम्मद आकिल, मुफ्ती सलीम नूरी, डा. एजाज अंजुम, मास्टर कमाल अहमद आदि ने संबोधित किया। इस दौरान मुफ्ती अफरोज आलम, सैयद शाकिर अली, कारी अब्दुल हकीम, अनवारुल सादात एवं तुलबा आदि मौजूद रहे।
आईएमसी के दरगाह पहलवान साहब स्थित कार्यालय पर पार्टी कोआर्डिनेटर नबीरे आला हजरत अल्हाज जुनेद रजा खां ने झंडा रोहण किया गया। इसके बाद मिठाइयां बांटी गईं। यहां से पार्टी के लोग तिरंगा यात्रा की शक्ल में आजादी का तराना गाते हुए अयूब खां चौराहे पहुंचे। जहां गुब्बारे उड़ाए और परिंदों को आजाद किया। यहां हुई सभा में अल्हाज जुनेद रजा ने देश की आजादी के लिए कुर्बानी देने वालों का जिक्र करते हुए एकता और मोहब्बत का पैगाम दिया। इस दौरान डा. नफीस खान, मोहम्मद नदीम खान, अफजाल बेग, चौधरी राशिद खान, जिला पंचायत सदस्य हाफिज शराफत, महबूब खान आदि मौजूद रहे।
इसी तरह तहरीके तहफ्फुजे सुन्नियत (टीटीएस) महानगर की ओर से सदर कैंट की छोटी मस्जिद चौराहे पर सूफी हनीफ मियां ने ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगान के बाद कारी सखावत अपने कलाम मेरा प्यारा वतन... गा कर माहौल में रंग भर दिया। इसके बाद नूरी स्थल पर पौधरोपण भी किया गया। इस दौरान पादरी फादर रॉबिन, एचजी कमांडेंट इसरार खां अपनी यूनिट के साथ मौजूद रहे। संगठन के मोहम्मद नफीस खान, इमरान खान, मुनव्वर अली आदि ने मिठाई बांटी।
इसके अलावा शाह अल्वी फाउंडेशन के कार्यालय पर स्वतंत्रता दिवस मनाते हुए तमाम शहीदों की कुर्बानी को याद किया गया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष नासिर शाह अल्वी और महमूद अली शाह मलंग रहे। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष जाफर अल्वी, हसरत अल्वी और यूनिस अहमद आदि मौजूद रहे। इसी तरह आल इंडिया मोमिन कांफ्रेंस के मंडल अध्यक्ष नदीम अंसारी की ओर से शाहदाना और राष्ट्रीय पैगामे अमन कौंसिल के अध्यक्ष सैयद राशिद अली चमन के नेतृत्व में संस्था कार्यालय पर जश्न मनाते हुए ध्वाजारोहण किया गया।